बालोतरा | राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में पश्चिमी राजस्थान में खजूर की खेती का क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत जिले को 12 हैक्टेयर में खजूर की बागवानी का लक्ष्य आवंटित हुआ है। उपनिदेशक उद्यान मोहनलाल वर्मा ने बताया कि योजना के अनुसार कृषकों को न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर से अधिकतम 4.0 हेक्टेयर तक खजूर पौधों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। पात्र किसानों को स्वीकृति पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रति हैक्टेयर 156 पौधे पर अनुदान देय है । जिसमें 148 मादा व 8 नर पौधे शामिल है। कृषकों को बरही, खूनेजी, मेडजूल, खलास, खदरावी, सगई, जामली, अजवा, नाबुत सुल्तान एवं हलावी मादा किस्म तथा अल-इन-सिटी एवं घनामी नर किस्म के पौधे पर अनुदान दिया जाएंगे। पौधे ऑफशूट तकनीक अथवा टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार पौधों पर ही अनुदान जाएंगे। उन्होंने बताया कि टिश्यू कल्चर तकनीक से उत्पादित खजूर पौधरोपण कर कृषकों को अनुदान सहायता प्रति पौधा रुपए 3000 या प्रति पौधा इकाई लागत का 75 प्रतिशत जो भी कम हो, दिया जावेगा। आफशूट तकनीक से उत्पादित खजूर पौधरोपण कृषकों को अनुदान सहायता प्रति पौधा क्रय मूल्य रुपए 1000 का 75 प्रतिशत एवं प्लास्टिक थेली सहित खजूर पौधे के क्रय मूल्य रुपए 1500 का 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। ऑफशूट खजूर के पौधे राजकीय खजूर फार्म, सगरा भोजका, जैसलमेर एवं टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार पौधे बायो टेक्नोलॉजी विभाग से एक्रीकेटेड टिश्यू कल्चर प्रयोगशालाओं से प्राप्त कर सकते है। खजूर के बगीचे लगाने के लिए खेत की जमाबंदी, नक्शा ट्रेस, स्थाई सिंचाई स्त्रोत का प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज देने होंगे।


