अहमदाबाद में हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा, जो लोग पार्टी के काम में हाथ नहीं बंटाते, उन्हें आराम करने की जरूरत है। जो जिम्मेदारी नहीं निभाते, उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए। खड़गे के इस बयान को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कहा है कि,ऐसे में तो इन्हें राहुल गांधी को बाहर करना पड़ेगा। बैज बोले – शर्मा से खुद का विभाग नहीं संभल रहा विजय शर्मा के इस बयान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,कि विजय शर्मा से तो खुद अपना विभाग नहीं संभल रहा है। राहुल गांधी और खड़गे जी पर कटाक्ष करने का उन्हें कोई हक़ नहीं है। पहले वो प्रदेश की कानून-व्यवस्था देखें, फिर बाकी बात करें। दीपक बैज ने दुर्ग में हुई रेप की हालिया घटना का हवाला देते हुए गृह मंत्री से इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने कहा,यदि उनमें थोड़ी सी भी मानवीयता बची है, तो उन्हें दुर्ग की घटना के बाद तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। अंदरूनी चेतावनी या सार्वजनिक चुनौती? खड़गे के बयान को एक तरफ पार्टी में अनुशासन और सक्रियता बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ यह पुराने और निष्क्रिय चेहरों के लिए साफ संकेत भी है। हालांकि, कांग्रेस का खुद का रिकॉर्ड ऐसे बयानों के पालन में कमजोर रहा है, जिससे पार्टी के आंतरिक रवैये पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी बड़ी हार हुई लेकिन इन हार के लिए जिम्मेदारी तय नहीं की गई। खडगे के इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि अब कांग्रेस रिजल्ट ओरिएंटेड वर्क करेगी और अगर सफलता नहीं मिलती तब उसकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।


