खनिज विभाग की विजिलेंस टीम की कार्रवाई:विधायक बामनिया के बेटे, गढ़ी उप प्रधान सहित 4 ने खुद के रवन्ना माफिया को बेचे

जिले के 4 खदान मालिकों की ओर से क्वार्ट्ज मिनरल की खदानों के रवन्ना खनन माफिया काे बेचकर फर्जीवाड़ा का मामला आया है। खनिज विभाग के रिकाॅर्ड के मुताबिक 4 खदानों से जितने रवन्ना जारी हुए और जितना मिनरल डिस्पेच हुआ, उतनी मात्रा में मिनरल इन खदानों से निकाला ही नहीं गया। खदान मालिकों ने रवन्ना दूसरों को बेच दिए और दूसरे लोगों ने सरकारी या वन विभाग की जमीन पर अवैध खनन करके क्वार्ट्स निकाला। खनिज विभाग जयपुर की विजिलेंस टीम की जांच में आया कि इन चार खदानों के रवन्ना में डिस्पेच बताए मिनरल और खदान पर मिले गड्ढाें के अनुसार 1.46 लाख टन मिनरल का अंतर है। बांसवाड़ा खनिज अभियंता कार्यालय ने चाराें खदानाें पर 20.3 करोड़ पेनल्टी लगाकर सभी काे बंद करवा दिया है। अब चाराें काे निरस्त करने का प्रस्ताव खान एवं भू-विज्ञान विभाग के उदयपुर स्थित निदेशालय को भिजवाया है। सरकारी नियमानुसार क्वार्ट्ज मिनरल की रॉयल्टी 135 रुपए प्रति टन है। रवन्ना का दुरुपयोग मिलने पर 10 गुना पेनल्टी का प्रावधान है। इसलिए चारों खदान मालिकों पर रवन्ना और माैके की स्थिति में जितने मिनरल की मात्रा का अंतर मिला, उसकी 10 गुना पेनल्टी लगाई है। जिले में क्वार्ट्ज मिनरल की खदानें 4 ही हैं और चाराें बंद हो गई हैं। एक खदान नाम किसी के, मालिक कोई और 4 खदानों में से एक बांसवाड़ा से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्जुन बामनिया के पुत्र तपेश की है। यह बागीदौरा के राखो गांव में है। गांगड़तलाई स्थित लक्ष्मण लाल भील की खदान का असली मालिक राजसमंद का चंपालाल गुर्जर है। मेवाड़ कंस्ट्रक्शन खदान अरथूना तहसील के वकतपुरा गांव में है। इसका मालिक गढ़ी के उप प्रधान कांग्रेसी नेता दशरथ सिंह वाघेला है। वर्द्वमान मिनरल सामागड़ा गांव में है। चाराें खदानाें में एक खदान 4 साल, एक 2 साल और दाे एक-एक साल पहले ही शुरु हुई थी। इतने कम समय में जितनी मात्रा में मिनरल का अंतर मिला है उस लिहाज से कह सकते हैं कि इन्हाेंने बड़ी मात्रा में रवन्ना बेचे हैं। दूसरी ओर, विजिलेंस टीम कार्रवाई करके चली गई स्थानीय अफसरों को जानकारी नहीं हुई। स्थानीय कर्मचारी-अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं करना भी कई तरह के सवाल खड़े करता है। निदेशालय टीम को क्वार्ट्ज मिनरल की 4 खदानाें में रवन्ना का मिस यूज पाया गया है। उन पर पेनल्टी लगाई गई है। चाराें खदानें बंद हैं।
-गाैरव मीणा, खनिज अभियंता, बांसवाड़ा

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