हिमाचल प्रदेश के चार जिलों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने वाले खनेरी अस्पताल में बायो-केमिस्ट्री मशीन पिछले लगभग एक साल से खराब पड़ी है। इसके कारण मरीजों को जांच रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है, जिससे उनके उपचार पर असर पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि मशीन खराब होने के कारण उन्हें रिपोर्ट के लिए दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मामलों में तत्काल रिपोर्ट की आवश्यकता होती है, लेकिन देरी के कारण उपचार शुरू होने में भी विलंब हो रहा है। इससे मरीजों को न केवल समय का नुकसान हो रहा है, बल्कि उन्हें बाहर से जांच कराने पर आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है। चार जिलों के मरीज आते हैं इलाज करवाने खनेरी अस्पताल शिमला, किन्नौर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों के हजारों मरीजों के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। बायो-केमिस्ट्री मशीन खून, पेशाब और अन्य बॉडी फ्लूइड की कई महत्वपूर्ण जांचें करती है, जो मरीज की किडनी, लीवर, हार्ट, शुगर और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी होती हैं। मशीन के बंद होने से खून से संबंधित कई अहम जांचें बाहर भेजनी पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को मशीन खराब होने की जानकारी लंबे समय से है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। गंभीर मरीजों के इलाज में रिपोर्ट में देरी से समस्या बढ़ रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और जल्द समाधान की मांग की है। जल्द ही नई आएगी मशीन- एमएस खनेरी अस्पताल, रामपुर बुशहर के एमएस डॉ. पदम शर्मा ने बताया कि पुरानी बायो-केमिस्ट्री मशीन अब ठीक करने लायक नहीं है और पूरी तरह कंडम हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल में जल्द ही एक नई बायो-केमिस्ट्री मशीन स्थापित की जाएगी।


