तरनतारन की श्री गोइंदवाल साहिब जेल में रविवार को गैंगस्टर रवि कारतूस के साथी यशपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोराहा के रहने वाले यशपाल को खन्ना पुलिस एक दिन पहले ही रिमांड समाप्त होने के बाद जेल में छोड़कर गई थी। यशपाल का शव गुरु नानक अस्पताल अमृतसर में रखा गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा। परिवार ने इस मौत पर सवाल उठाए हैं। दोराहा पुलिस ने यशपाल को 20 अप्रैल को बेअंत सिंह चौक से गिरफ्तार किया था। उसके पास से 50 ग्राम हेरोइन मिली थी। साथ ही एक देसी पिस्टल और 3 कारतूस भी बरामद हुए थे। यशपाल पर पहले से भी नशा तस्करी का मामला दर्ज था। गैंग ने एक युवक पर किया था हमला यशपाल, रवि कारतूस गैंग का सक्रिय सदस्य था। इस गैंग ने दिसंबर 2024 में एक युवक पर हमला किया था। इस मामले में रवि कारतूस, उसके भाई राजन कुमार, शूटर लखविंदर सिंह लक्खा और इंद्र पर केस दर्ज है। पायल के डीएसपी हेमंत मल्होत्रा ने बताया कि यशपाल को मेडिकल जांच के बाद नियमानुसार जेल भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के कारणों की जानकारी जेल प्रशासन ही दे सकता है। खन्ना पुलिस का इसमें कोई दोष नहीं है।


