खरगोन के भीकनगांव में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना रातभर चला। धरना स्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ और भजन हुए। किसान नारेबाजी भी करते रहे। अफसरों ने देर रात नर्मदा विकास प्राधिकरण की ओर से धरना स्थल पर किसानों से चर्चा की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। प्रशासन 25 दिसंबर को बैठक और 15 जनवरी तक बिंजलवाड़ा प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाने की बात लेकर आया था। किसानों ने 3 साल देरी से चल रही परियोजना में 197 गांवों के किसानों की सिंचाई प्रभावित होने के कारण ₹1000 के स्टांप पर प्रशासन से लिखित मुआवजा मांगा। फसल और खरीदी की मांगें किसान प्रतिनिधियों ने बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना, भीकनगांव झिरन्या में खराब सोयाबीन फसल का मुआवजा और भारतीय कपास निगम की ऑफलाइन खरीदी की मांग भी की। रातभर भोजन और भजन का आयोजन आंदोलन के लिए 20 गांव के किसानों ने भोजन व्यवस्था संभाली। रात में कृषि उपज मंडी परिसर में दाल बाटी बनाई गई और साईंखेड़ी की भजन मंडली के साथ रात 1 बजे तक भजन किए गए। इस दौरान नितेश सिंह मौर्य, प्रांत युवावाहिनी के संयोजक श्यामसिंह पवार, मुकेश पटेल, कडवा नादिया सहित 200 से ज्यादा किसान प्रतिनिधि धरना स्थल पर मौजूद थे।


