खरगोन में जननायक टंट्या मामा की प्रतिमा स्थापना में कथित 10 लाख रुपए के घोटाले को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। धातु की मूर्ति के स्थान पर फाइबर की मूर्ति लगाए जाने के इस मामले में मंगलवार दोपहर कांग्रेस ने प्रतिमा स्थल पर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने नगर पालिका सीएमओ कमला कौल को निलंबित करने और सभी दोषियों पर मामला दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि नाईक के नेतृत्व में हुए इस धरने में भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। यह प्रदर्शन दोपहर 3 बजे तक चला। सभा को संबोधित करते हुए रवि नाईक ने कहा कि टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना में हुआ भ्रष्टाचार क्रांतिकारी और आदिवासियों का अपमान है। उन्होंने भाजपा पर आदिवासी विरोधी सोच रखने का आरोप लगाया। विधायक बोले- बड़े जिम्मेदार बचाए जा रहे
भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी ने जांच में लीपापोती का आरोप लगाते हुए कहा कि छोटे कर्मचारियों को फंसाकर बड़े जिम्मेदार बचाए जा रहे हैं। उन्होंने सीएमओ को निलंबित कर एफआईआर दर्ज करने और नगर पालिका अध्यक्ष की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। भगवानपुरा विधायक केदार डाबर ने आदिवासी समाज के भाजपा प्रतिनिधियों पर इस मामले में खामोश रहने का आरोप लगाया। इस दौरान लोकसभा प्रत्याशी पोरवाल खरते, डॉ गोविंद मुजाल्दे, जिला कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र पवार सहित कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। भाजपा नेताओं को सद्बुद्धि देने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टंट्या मामा से क्षमा मांगते हुए भाजपा परिषद और भाजपा नेताओं को सद्बुद्धि देने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस महासचिव जितेंद्र भावसार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश पप्पू पटेल, पार्षद लक्ष्मी मोरे समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। मामले में नगर पालिका परिषद ने चार माह के भीतर दूसरी मूर्ति लगाने का निर्णय लिया है। पिनाक ट्रेडिंग कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और दो इंजीनियरों पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। हालांकि, अभी तक नोटिस के जवाब नहीं आए हैं।


