खरगोन में दुर्लभ बीमारी के पैदा हुई बछिया का ऑपरेशन:3 किलो दिमागी मेनिंगोसिल सिस्ट, 2 घंटे सर्जरी के बाद निकाला

खरगोन जिले के शासकीय पशु चिकित्सालय बोरावां में जन्म के केवल एक दिन बाद एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बछिया की सफल सर्जरी की गई। खामखेड़ा के पशुपालक राम बिरले अपनी नवजात बछिया को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। बछिया का मुंह और नाक ‘बुलडॉग’ जैसी आकृति लिए हुए थे। जांच में डॉक्टरों को उसके सिर में बड़ी मेनिंगोसिल सिस्ट मिली, जिसके बाद तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया गया। दो घंटे चली जटिल सर्जरी शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. संतोष मंडलोई ने बताया कि बछिया के सिर से जुड़ी लगभग 3 किलो वजनी सिस्ट जानलेवा थी। सिर की हड्डी में छेद होने के कारण तरल पदार्थ सिर में जमा हो रहा था। इससे बछिया खड़ी भी नहीं हो पा रही थी और सिर सीधा रखना भी मुश्किल था। 20 नवंबर को दो घंटे की जटिल सर्जरी कर सिस्ट को सफलतापूर्वक हटा दिया गया। इसके बाद बछिया को एक सप्ताह निगरानी में रखा गया। अब वह सामान्य रूप से चल रही है और दूध भी पी रही है। दुर्लभ बीमारी – मेनिंगोसिल सिस्ट क्या होती है? डॉक्टरों के अनुसार मेनिंगोसिल सिस्ट एक दुर्लभ जन्मजात समस्या है, जो लगभग एक लाख में एक-दो नवजात में पाई जाती है। इसमें सिर की हड्डी में छेद हो जाता है और अंदर का तरल बाहर की ओर एक गुंबदनुमा थैली में इकट्ठा हो जाता है। सही समय पर उपचार न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी में डॉ. मंडलोई के साथ पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी जितेंद्र मंडलोई और चेतन पटेल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के प्रयासों से बछिया की जान बचाई जा सकी।

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