खरगोन में नवग्रह पंचकोशी यात्रा शुरू:8 हजार पदयात्री शामिल, ओम नमः शिवाय का जयघोष; नागझिरी आश्रम में पहला पड़ाव

खरगोन के नवग्रह मंदिर से गुरुवार को नवग्रह पंचकोशी यात्रा शुरू हो चुकी है। यात्रा की शुरुआत सुबह 8 बजे से नवग्रह मंदिर में पूजन बाद हुई। इसके बाद यात्रा कुंदा पुल, गणेश मंदिर होकर सराफा बाजार, बस स्टैंड से यात्री खंडवा रोड तक पहुंची। इस बार यात्रा में लगभग 8 हजार से ज्यादा पदयात्री शामिल हो रहे है। इस दौरान पदयात्री “नर्मदे हर” और ओम नमः शिवाय के जयघोष लगाते दिखे। इस दौरान नर्मदे हर बाबा ने बताया यह यात्रा का 17वां साल है। 5 दिन में यात्री रोज 14 किमी पैदल चलेंगे। एक दिन पहले 6000 से ज्यादा पदयात्री पहुंचे इस यात्रा की शुरुआत साल 2008 से नवग्रहों के पूजन, शांति और समृद्धि की कामना पूर्ति के लिए की गई थी। इसके चलते कई यात्री 10 से ज्यादा साल से पदयात्रा में शामिल हो रहे है। यात्रा के पहले बुधवार को 1 दिन पहले देर शाम तक 6000 से ज्यादा पदयात्री नवग्रह मंदिर परिसर पहुंच गए थे। रात में ठंड में उन्होंने भजन कीर्तन किए। इस दौरान ठंड को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में बिजली, पानी, बिछात और अलाव की व्यवस्था जुटाई है। 5 पड़ाव से गुजरेगी यात्रा इस दौरान नर्मदे हर बाबा ने बताया कि पहला पड़ाव नागझरी बोन्दरू बाबा मंदिर परिसर के बाद दूसरा विश्राम उमरखली, तीसरा कुंदा तट बडघाट, चौथा विश्राम पूर्णानंद बाबा तपोस्थली और समापन नवग्रह मंदिर परिसर में भंडारे के साथ होगा। सीएम के गुरु रहे हैं यात्रा संस्थापक यात्रा से जुड़ी डॉ अनुराधा शर्मा ने बताया पंचकोशी यात्रा के जनक डॉ. रविंद्र चौरे “भारती” उज्जैन यूनिवर्सिटी में हिंदी के प्राध्यापक थे। वे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के माधव साइंस कॉलेज उज्जैन में गुरु रहे हैं। पंचकोशी यात्रा के दौरान ही पूर्णेश्वर महादेव मंदिर पुनासा (खंडवा) में ब्रह्मलीन हुए थे। उनके उद्देश्य को लेकर बनाई केंद्रीय समिति 31 यात्राओं का संचालन कर रही है। इस दौरान यात्रा में केंद्रीय समिति अध्यक्ष शंकरलाल यादव, संरक्षक राधेश्याम शर्मा और प्रभारी राजेंद्र शर्मा, पंडित लोकेश जागीरदार, संतोष मारू भी शामिल रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *