गढवा | गढ़वा गढ़वा-रेहला फोरलेन बाईपास सड़क का उद्घाटन तीन जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। उद्घाटन समारोह को सफल बनाने के लिए शनिवार को सांसद वीडी राम हूर गांव में आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह स्थल और गढ़वा के कल्याणपुर के हैलीपेड का मुआयना किया। वहीं केंद्रीय सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य रविंद्रनाथ तिवारी ने भी कार्यक्रम स्थल का मुआयना किया। मौके पर भाजपा नेता प्रमोद चौबे, ईश्वरी पांडेय, अंजनी तिवारी, जिला महामंत्री संतोष दुबे, नगरमंडल अध्यक्ष उमेश कश्यप, लक्ष्मी पांडेय सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। मझिआंव| प्रखंड परिसर में दिन शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र कुमार सिंह के द्वारा जेएसएलपीएस समूह की महिलाओं एवं किसानों के बीच मक्का एवं मड़ूवा बीज वितरण किया गया। वहीं प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुरेश सिंह एवं बीटीएम दयानंद पांडे की देखरेख में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न समूह की महिला को बीज दिया गया। रंंका| अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत रंका प्रखंड के खरडीहा पंचायत स्थित हरिजन टोला में एक चापाकल वर्षों से विवाद का कारण बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस चापाकल की बोरिंग वर्ष 2014 में क्षेत्रीय विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के सहयोग से कराई गई थी, ताकि टोला के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। लेकिन यह सुविधा अब लोगों के बीच विवाद की जड़ बन चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चापाकल से पानी लेने को लेकर टोला में कई बार विवाद हुआ है। सबसे पहली बार बड़ी घटना तब हुई जब जल सहिया और उसके पति के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। यह मामला थाने तक पहुंचा और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला करीब एक साल तक शांत रहा। लेकिन शांति ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। एक बार फिर पानी को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।जिसे दैनिक भास्कर ने भी प्रकाशित किया था।इस घटना के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर गढ़वा उपकारा भेज दिया गया। गांव में डर का माहौल बना हुआ है ।और ग्रामीणों को आशंका है कि जेल से छूटने के बाद एक बार फिर हिंसक झड़प हो सकती है। गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने बताया कि टोला में चापाकल का उपयोग सभी लोग करना चाहते हैं, लेकिन कुछ लोग इसे अपने कब्जे में रखना चाहते हैं, जिसके कारण लगातार विवाद हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टोला में स्थायी समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएं। साथ ही पुलिस को भी क्षेत्र में सक्रिय निगरानी रखनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। रंका पुलिस के लिए यह मामला अब केवल एक साधारण झगड़ा नहीं, बल्कि संभावित कानून व्यवस्था की चुनौती बन गया है। अगर समय रहते पहल नहीं की गई, तो यह विवाद कभी भी बड़ी घटना का रूप ले सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को मिलकर आपसी संवाद और समझौते के माध्यम से समाधान निकालना जरूरी है। केतार | मलेरिया रोगी माह कार्यक्रम के तहत मध्य विद्यालय मुकुंदपुर में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मलेरिया रोग के बारे में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान मलेरिया, कालाजार ,डेंगू बीमारी के लक्षण और उनके बचाव के तरीके को छात्र-छात्राओं को बताया गया। सीएचओ डॉ शंकर के द्वारा छात्र -छात्राओं एवं शिक्षकों को विद्यालय की साफ सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता रखने को लेकर जागरूक किया। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया डेंगू और फाइलेरिया से बचाव के लिए नियमित रूप से अपने घरों के आस-पास पानी जमा नहीं होने दे, रात्रि में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों में कीटनाशक का छिड़काव करें एवं घर की साफ सफाई करें। इस मौके पर मुखिया मूंगा साह ने भी छात्र -छात्राओं को मलेरिया जैसे बीमारी से बचाव और गांव- घर के लोगों को साफ- साफाई रखने की सलाह दी। मुखिया मूंगा साह ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया गया कि वह इन जानकारी को अपने परिवार और आस-पास के लोगों तक पहुंचाए और उन्हें जागरूक करें। ताकि मलेरिया जैसे खतरनाक बीमारी से बचाव किया जा सके। इस मौके पर मुखिया मूंगा साह, सीएचओ डॉ शंकर एएनएम सुलेखा कुमारी, विधालय प्रभारी विजय कुमार, सुरेन्द्र ठाकुर, देवकुमार सिंह , स्वास्थ्य सहिया रिंकी देवी, सरोजा देवी, सरिता देवी, कुंती देवी सहित अन्य लोग मौजूद थे।


