खराब प्रदर्शन पर प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस:कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षा सुधार के लिए ‘मिशन मोड’ में काम करने के दिए निर्देश

राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने आगामी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित प्राचार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी को मिशन मोड में कार्य करना होगा। प्री-बोर्ड परीक्षा में खराब परिणाम देने वाले स्कूलों के प्राचार्यों पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संतोषजनक परिणाम नहीं देने वाले प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम निर्देश दिए। कमजोर विषयों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने, कठिन विषयों को समझाने के लिए विषय विशेषज्ञों की सेवाएं लेने, हर स्कूल के प्रदर्शन की बारीकी से समीक्षा करने पर जोर दिया गया। कमजोर परीक्षा परिणामों के कारण जिले के कई स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्कूलों के प्राचार्यों को जारी होंगे नोटिस छुरिया विकासखंड हायर सेकेंडरी स्कूल चांदो बखरूटोला रामतराई हालेकोसा डोंगरगांव विकासखंड रूदगांव बालक डोंगरगांव बाकल मोहड़ डोंगरगढ़ विकासखंड बालिका डोंगरगढ़ बिल्हरी ढारा पारागांव खुर्द मड़ैयान राजनांदगांव विकासखंड सोमनी स्टेट हाई स्कूल महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल डॉ. बल्देव प्रसाद स्कूल बोरी कन्हारपुरी डिलापहरी शेष दिनों में ठोस कार्ययोजना पर जोर मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरुचि सिंह ने कहा कि बचे हुए दिनों में ठोस कार्ययोजना बनाकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा ताकि परिणामों में स्पष्ट सुधार दिखे। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने जानकारी दी कि 31 जनवरी से जिले के 22 जोनों में कमजोर और अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए विशेष कोचिंग शुरू की जाएगी। टॉपर्स 100 बच्चों के लिए आवासीय कोचिंग 2 फरवरी से उन्होंने बताया कि 2 फरवरी से बरगा प्रशिक्षण केंद्र में जिले के ‘टॉपर्स 100’ बच्चों के लिए आवासीय कोचिंग प्रारंभ की जाएगी। इसका उद्देश्य मेधावी छात्रों को राज्य की प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाना है। शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य बैठक में शिक्षकों की अनुशासन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। सभी संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए गए कि शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन पूर्ण कराकर बायोमेट्रिक उपस्थिति तत्काल शुरू की जाए। ओआईसी श्री विश्वास कुमार ने पालकों को भी इस अभियान से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पालकों को बच्चों को नियमित रूप से कोचिंग भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रशासन का संकल्प बोर्ड परीक्षा के शेष 20 दिनों में अतिरिक्त प्रयास कर जिले का नाम रोशन करना और शत-प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करना प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है।

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