भास्कर न्यूज | चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले समेत पूरे राज्य भर के राशन कार्डधारियों की सुविधा के लिए अगले 3 महीने का एडवांस राशन का वितरण किया जाएगा। अगले महीने में जून, जुलाई व अगस्त महीने का खाद्यान्न उपभोक्ताओं को एक साथ वितरित किया जाएगा। उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग भारत सरकार के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत जून माह के साथ ही अगले 3 माह तक का खाद्यान्न वितरण जिले के पीडीएस डीलरों के द्वारा किया जाएगा। आवंटित खाद्यान्न के उठाव के लिए 31 मई तक आगामी 3 माह तक के खाद्यान्न वितरण के लिए 30 जून तक की समय-सीमा भी निर्धारित कर दी गयी है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि 31 मई तक तीनों माह के लिए खाद्यान्न का उठाव हर हाल में कर लिया जाए। मानसून को देखते हुए लिया गया निर्णय : आगामी मानसून व खराब मौसम परिस्थितियों के कारण आवंटित खाद्यान्न का अग्रिम उठाव व वितरण किए जाने के संबंध में निर्देश दिया गया है। ताकि उपभोक्ताओं को अनाज मिलने में परेशानी न हो। जून माह के खाद्यान्न का उठाव एसआईओ डिस्पैच शुरू हो गयी है। जबकि इसका वितरण 21 से 31 मई तक करना निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार जुलाई माह के खाद्यान्न का उठाव 19 मई से शुरू होगी। जबकि एसआईओ डिस्पैच 01 जून से शुरू होगी। इसका वितरण 15 जून तक करना है, जबकि अगस्त माह के खाद्यान्न का उठाव 31 मई से शुरू होगी और एसआईओ डिस्पैच 15 जून से शुरू होगी। इसका वितरण अंतिम रूप से 16 से लेकर 30 जून तक करना होगा। तीन बार होगा लाभुकों का सत्यापन : लाभुकों से तीन अलग-अलग बार उनका बायोमेट्रिक सत्यापन किए जाने का भी निर्देश दिया गया है। लाभुकों से पहली बार जून माह के खाद्यान्न वितरण, दूसरी बार जुलाई माह के खाद्यान्न वितरण व तीसरी बार अगस्त माह के खाद्यान्न वितरण के लिए उनका बायोमेट्रिक सत्यापन पॉश मशीन से किया जाएगा। बता दें कि जिले के सभी 1229 पीडीएस विक्रेताओं जिसमें 832 ऑनलाइन व 282 ऑफलाइन पीडीएस विक्रेताओं के द्वारा राशन का वितरण किया जाता है। जिले में लगभग 3 लाख 42 हजार 959 एनएफएसए कार्ड धारक वर्तमान में है। जिसमें पीएचएच 2 लाख 47 हजार 584 तथा एएवाई 95375 हैं। इसके अतिरिक्त 31202 ग्रीन कार्ड धारी है। जो जन वितरण प्रणाली के तहत राशन का उठाव करते हैं। इन सभी राशन कार्ड धारी परिवार के सदस्यों को लाभ मिलेगा। कम अनाज मिलने की आती है शिकायत : हालांकि राशन वितरण के दौरान उपभोक्ता कम राशन वितरण की शिकायत भी करते हैं। वहीं जन वितरण प्रणाली दुकानदार भी शिकायत करते हैं कि गोदाम से ही डीलरों को प्रति बोरा 4 से 5 किलो अनाज कम मिलता है। इसके कारण उपभोक्ताओं व डीलरों के बीच तू-तू मैं-मैं की स्थिति भी हो जाती है। इतना हीं नहीं विभाग के द्वारा खराब चावल भेजने की भी शिकायतें पीडीएस विक्रेता व उपभोक्ता करते हैं। ऐसे में यदि 3 माह की राशन का वितरण एडवांस में किया जाता है तो वजन व राशन की गुणवत्ता को ध्यान में रखने की आवश्यकता है। ताकि उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ इस योजना का मिल सके। साथ ही वर्तमान में एक्सपायरी चना दाल का मामला भी काफी गरमाया था।


