खरीदी केंद्रों में किसानों से रिश्वत लेने का आरोप:कटनी में कलेक्ट्रेट कार्यालय का किया घेराव, केंद्र प्रभारियों को बर्खास्त करने की मांग

कटनी में धान खरीदी केंद्रों पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ किसानों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन है। कांग्रेस के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर तुलाई और सिलाई के नाम पर उनसे खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही है, जिससे परेशान होकर वे प्रशासन के पास पहुंचे हैं।
भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमित शुक्ला ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग सभी धान खरीदी केंद्र किसानों के शोषण के अड्डे बन चुके हैं। खरीदी प्रभारी तय सीमा से अधिक धान तौल रहे हैं, और जो किसान सुविधा शुल्क नहीं देते, उनकी अच्छी गुणवत्ता वाली उपज को भी ‘रिजेक्ट’ कर दिया जाता है।
भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करो के लगाए नारे कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि कड़ाके की ठंड में किसान केंद्रों पर रातें बिताने को मजबूर हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण उनकी उपज समय पर नहीं खरीदी जा रही है। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान “किसान विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी” और “भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करो” जैसे नारे गूंजते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। अवैध वसूली करने वाले केंद्र प्रभारियों को बर्खास्त करने की मांग किसान अजीत सिंह ने बताया कि यह पूरा खेल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। प्रदर्शन के अंत में किसानों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में सभी खरीदी केंद्रों की तत्काल जांच, अवैध वसूली करने वाले केंद्र प्रभारियों को तुरंत बर्खास्त करने और धान की तुलाई में हो रही अतिरिक्त कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में जिले भर में चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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