भास्कर न्यूज | राजनांदगांव समर्थन मूल्य पर 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने के 20 दिन बाद भी केन्द्रों से धान का परिवहन शुरू नहीं किया गया है। एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में राइस मिलर्स ने विगत वर्ष का करीब डेढ़ लाख क्विंटल चावल जमा नहीं किया है। इसका प्रमुख कारण उन गोदामों में जगह की कमी रही। अब 70 प्रतिशत चावल जमा करने वाले राइस मिलरों से अनुबंधन होगा और उन्हें कस्टम मिलिंग की अनुमति मिलेगी। पंजीकृत 90 में 50 से ज्यादा मिलरों से अनुबंध हुआ लेकिन डीओ जारी नहीं किया जा रहा है। जिले के कई खरीदी केन्द्रों में ज्यादा धान आने के कारण बफर लिमिट पार हो चुकी है। अब तक 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का धान खरीदा जा चुका है। धान की आवक ज्यादा होने से सोमनी, तुमड़ीबोड, घुमका, गठुला, ढाबा, पदुमतरा, रेंगाकठेरा एवं ज्यादा किसान और बड़े रकबा वाले केन्द्रों में बफर लिमिट पार हो गई है। इस साल बफर लिमिट और जहां संभव हो वहां धान रखने की जगह में विस्तार किया गया है। सप्ताहभर में उठाव शुरू नहीं किया गया तो खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी प्रभावित होगी। किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। डीओ जारी किया जाएगा मिलरों ने पंजीयन तो करा लिया है। चावल जमा करने के बाद अनुबंध कर डीओ जारी किया जाएगा। विगत वर्ष का 70 फीसदी चावल जमा करने वाले राइस मिलर्स को उठाव और कस्टम मिलिंग की अनुमति मिलेगी। चावल जमा करने राइस मिलर्स को समय दिया गया है। इधर मिलर्स का कहना है एफसीआई और नान के गोदामों में हमेशा जगह की कमी रहती है। चावल तैयार होने पर भी वह उसे जमा नहीं कर पाते है। एफसीआई में चावल जमा करने की अवधि अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। मिलर्स को चावल जमा करने कहा गया है।


