लखदातार बाबा श्याम का फाल्गुनी लक्खी मेला 28 फरवरी से शुरू हो रहा है। मंदिर में मेले की तैयारियां चल रही हैं। लखदातार के दर्शन, वाहनों की पार्किंग और अन्य सुविधाओं को लेकर इस साल अलग इंतजाम किए गए हैं। खाटूश्यामजी-रींगस रोड पर नो व्हीकल जोन है। रींगस से खाटू तक कारपेट बिछाया जाएगा, ताकि भक्तों को नंगे पैर चलते हुए परेशानी न हो। भक्त करीब 8 लंबी जिगजैग लाइनों से होते हुए बाबा के दर तक पहुंचेंगे। इसके अलावा पानी, मेडिकल का भी इंतजाम रहेगा। श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाने के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए गए हैं। भक्तों के लिए किस तरह की सुविधा… दर्शन के लिए लगेंगी 14 लाइन भक्तों को पिछले साल की तरह ही 14 लाइन से होकर बाबा की चौखट तक पहुंचना होगा। रींगस से खाटू तक कारपेट बिछाया जाएगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को खाटू धाम पहुंचने के बाद 8 किलोमीटर का सफर तय बाबा के दर्शन होंगे। रींगस रोड से आने भक्तों को नगरपालिका के नजदीक मुख्य प्रवेश द्वार से होकर आना होगा। यहां से वे हुए चारण मैदान पहुंचेंगे। चारण मैदान में टीन शेड से कवर अस्थाई जिगजैग बनाया गया है। इस जिगजैग से होते हुए लखदातार मैदान में पहुंचेंगे। करीब 5 घंटे का इंतजार करना होगा दांता रोड से आने वाले भक्तों को लाला मांगीराम धर्मशाला के पास से जिगजैग से प्रवेश करवा कर लखदातार मेला ग्राउंड तक आएंगे। यहां से भक्त 75 फीट के मुख्य मेला मैदान की 14 सीधी लाइनों में प्रवेश करेंगे। इस तरह रींगस रोड से बाबा के दर तक आने में करीब 5 घंटे से ज्यादा का समय लग जाएगा। भीड़ नहीं होने पर 4 लाइनों से ही दर्शनों के लिए भेजा जाएगा। दिव्यांग-बुजुर्गों के लिए अलग इंतजाम मेला प्रभारी व एसडीएम मोनिका सामोर ने बताया- पिछली बार चारण खेत में दर्शनों के लिए 7 ब्लॉक बनाए गए थे। इस बार भीड़ को देखते हुए 9 ब्लॉक बनाए गए हैं। सरकारी प्रोटोकॉल वाले वीआईपी को छोड़कर सभी के लिए VIP दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए दर्शनों की अलग से व्यवस्था की गई है। मंदिर से करीब 250 मीटर की दूरी पर लाला मांगेराम धर्मशाला के पास ही एक अलग लाइन बनाई गई है। व्हील चेयर पर दिव्यांगों को इसी लाइन से मंदिर तक दर्शन कराने ले जा सकेंगे। जाम न लगे इसके लिए नया रास्ता बनाया पहले दांता रोड से आने वाले भक्त सीधे 40 फीट नए रास्ते के पास पहुंच जाते थे। इससे यहां भीड़ का दबाव बढ़ जाता था। इस बार प्रशासन ने नया रास्ता निकाला है। अब दांता की तरफ से आने वाले श्रद्धालु भी जिगजैग से गुजरते हुए लखदातार मेला ग्राउंड से होते हुए मंदिर तक पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक का रास्ता वन-वे रहेगा। सीकर-रींगस रोड पर मंडा मोड़ के आस-पास छोटे वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग व्यवस्था डेवलप की गई है। श्रद्धालुओं को बस से 52 बीघा पार्किंग तक ले जाया जाएगा। यहां से मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पैदल ही जाएंगे। इसके अलावा भीड़ नियंत्रित करने की विशेष परिस्थितियों के लिए 16 आपातकालीन गेट तैयार किए गए हैं। पहली बार बाबा की मूर्ति से 50 मीटर पहले मेटल डिटेक्टर मंदिर परिसर की 14 लाइनों में पहली बार मेटल डिटेक्टर मशीनें भी लगाई गई हैं। हर साल रींगस डायवर्जन के पास जहां से भक्त दर्शनों के लिए लाइन में लगना शुरू होते हैं, वहां पर मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों से जांच होती है। पहली बार इस सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मंदिर में जहां बाबा की मूर्ति लगी हुई है। उससे 50 मीटर पहले मंदिर कमेटी की दीवार के पास सभी लाइनों में नए मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। इस बार मेले में जो भी भक्त आएंगे, उन्हें उनके अंदर से जाना होगा। गर्मी न लगे इसलिए पानी का छिड़काव लखदातार ग्राउंड के पास ही इमरजेंसी हॉस्पिटल बनाया गया है। मेले के दौरान भीड़ में किसी श्रद्धालु को कुछ हो जाता है तो मेला मजिस्ट्रेट के पास हॉस्पिटल में मरीज को पहुंचाने में काफी समय लगता है। इस स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी हॉस्पिटल बनाया गया है। चारण मेला मैदान में इस बार दो अतिरिक्त ब्लॉक जोड़े गए हैं। 40 बीघा में फैले इस मैदान में 60 स्प्रिंकलर सिस्टम से पानी का छिड़काव होगा, जिससे नंगे पांव आने वाले भक्तों को राहत मिलेगी। खाटूश्यामजी मेले के लिए रोडवेज की ओर से 250 बसों का संचालन होगा। यह बसें दो चरण में चलेगी। पहले चरण में सीकर डिपो की से 28 फरवरी से खाटूश्यामजी के लिए बसों को नियमित संचालन शुरू होगा। दूसरा चरण 7 मार्च से 12 मार्च तक और पूरा महीना चलेगा। मेले के दौरान खाटू से दिल्ली के लिए सेमी डीलक्स बस चलेंगी। फाल्गुनी लक्खी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के लिए सीकर, जयपुर और रेलवे स्टेशन जयपुर और खाटूश्यामजी में मेला ग्राउंड पर अलग से बुकिंग काउंटर लगाए जाएंगे। जहां से बसों की व्यवस्था करवाई जाएगी। साथ ही यहीं से ट्रेनों और बसों की पूछताछ के लिए सहायता केंद्र भी होगा। यहां से ऑनलाइन टिकट की सुविधा भी मिलेगी। मेले के लिए स्पेशल मोबाइल ऐप मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग (DOIT) जयपुर की ओर से स्पेशल एप डेवलप किया जाएगा। इसमें मेले से जुड़ी सभी प्रकार की आवश्यक जानकारियां मिलेंगी। इसमें रूट, एंट्री, एग्जिट और पार्किंग का पता भी चलेगा। मेले में सुरक्षा के लिए भी कड़े इंतजाम रहेंगे। क्यूआरटी, एसडीआरएफ के साथ बम स्क्वॉयड भी तैनात रहेगा। ….. खाटूश्याम मेले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… खाटूश्यामजी पदयात्री सुरक्षित रहें इसलिए जयपुर से नया रास्ता:बाबा के दर्शन के लिए होंगी 14 लाइन; जानें- निशान-इत्र को लेकर क्या हैं नए नियम लखदातार खाटूश्यामजी (सीकर) के लक्खी मेले की 28 फरवरी से शुरुआत होने जा रही है। करीब 12 दिन चलने वाले मेले में 10 से ज्यादा देशों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। पूरी खबर पढ़िए…


