राज्य सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसके अभाव में योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। जिले में 8726 आवेदन विभिन्न कमियों के कारण वापस लौटाए गए हैं, जो अभी भी आवेदकों के स्तर पर लंबित हैं। जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) जितेंद्र कुमार ने बताया कि इन आवेदनों में कई तरह की कमियां पाई गई थीं, जिनकी पूर्ति के लिए इन्हें आवेदकों को वापस भेजा गया है। इन लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की गई है ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके। जिले के वंचित वर्ग को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने के लिए 26 जनवरी 2025 से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत झालावाड़ जिले में कुल 38 हजार 579 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 26 हजार 517 परिवारों का खाद्य सुरक्षा योजना में अंतिम रूप से चयन कर लिया गया है। चयनित परिवारों को नजदीकी डीलर की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करवाना होगा, जिसके बाद वे नियमित रूप से राशन का लाभ ले सकेंगे। डीएसओ ने लंबित आवेदकों से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द अपने आवेदन की कमियों को पूरा करें, ताकि उनका नाम भी खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किया जा सके। राज्य सरकार समाज के अंतिम वर्ग तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


