जिले में यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। गेहूं की बोनी के 20 दिन बाद खाद न मिलने से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को नेशनल हाईवे-552 (मार्कफेड गोदाम के सामने) पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया। प्रशासन ने समझाइश देकर जाम तो खुलवा दिया, लेकिन समस्या का समाधान अब भी दूर है। सोमवार को 2200 टोकन धारकों में से केवल 1000 को ही खाद मिल सका, बाकी किसानों को जल्द और खाद प्राप्त होने के बाद वितरण कराने का आश्वासन देकर घर भेज दिया गया। बता दें कि 22 दिसंबर को विपणन संघ ने नगद बिक्री केन्द्र पर 9 और 15 दिसंबर के किसानों को खाद का वितरण कराया। साथ ही 2200 के करीब किसानों को खाद के टोकन भी दिए। जिन किसानों को टोकन दिए गए, आज वही किसान खाद लेने के लिए आ गए, पर यहां आकर मालूम चला कि खाद कम है और कम किसानों को मिलेगा। जिसके बाद किसान नाराज हो गए और जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम गगन मीणा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन और एसडीओपी राजीव गुप्ता, तहसीलदार मनीषा मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने विपणन संघ के प्रबंधक से तीन काउंटर शुरू करवाकर वितरण की कमान संभाली और जाम खुलवाया। जिला विपणन अधिकारी श्योपुर सतेन्द्र सिंह ने कोतवाली थाने में युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामभरत मीणा, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जसवंत मीणा (बछेरी) सहित 10-12 अन्य के खिलाफ किसानों को भड़काने, गोदाम प्रभारी को धमकाने, अधिकारी से गाली-गलौज और श्योपुर-शिवपुरी मार्ग पर बैठकर सड़क जाम करने पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। कराएंगे एफआईआर
जाम खुलवाने के बाद व्यवस्था सुचारू हो चुकी है और खाद का वितरण सामान्य चल रहा है। किसान तो सहजता से खाद ले रहा था और वितरण भी ठीक से हो रहा था, कुछ लोगों ने उन्हें भड़काया। उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। – सत्येंद्र सिंह, प्रबंधक विपणन संघ श्योपुर


