‘खाद की 500 नकली बोरी मिलीं, प्रशासन ने 74 बताईं’:अशोकनगर में किसान संघ का दावा- कार्रवाई केवल FIR तक हुई; समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग

अशोकनगर की पुरानी कृषि उपज मंडी में गुरुवार को भारतीय किसान संघ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने जिले के बहादुरपुर क्षेत्र के गदूली गांव में मिली नकली खाद के मामले में बड़ा दावा किया है। आरोप लगाया कि प्रशासन ने केवल 74 बोरी नकली डीएपी मिलने की बात कही है, जबकि 500 से अधिक नकली खाद की बोरियां थीं, जिन्हें किसानों को वितरित कर दिया गया। जैविक मंत्री जगराम सिंह यादव ने दावा किया कि उनके पास एक वीडियो भी है, जिसमें नकली खाद मिलने वाला व्यक्ति खुद कह रहा है कि उसके पास 500 नकली खाद की बोरियां थीं। भारतीय किसान संघ ने नकली खाद बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित रह गई है। इससे आगे कुछ नहीं होता। फसल समर्थन मूल्य पर ही खरीदी की मांग
इसके अतिरिक्त, संघ ने फसल की खरीदी समर्थन मूल्य पर ही करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर ही खरीदी होनी चाहिए। संघ के अनुसार, भावांतर योजना से केवल व्यापारियों को लाभ होता है, किसानों को नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ साल पहले भावांतर स्कीम के तहत किसानों को लाभ देने की बात कही गई थी, लेकिन कोई पैसा नहीं मिला। संघ ने इस मुद्दे पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। संघ ने खाद और यूरिया की उपलब्धता पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसान अब जागरूक हो चुके हैं और उन्हें पता है कि उनके खेत को किस उर्वरक की आवश्यकता है। हालांकि, किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जाता, बल्कि उन्हें वह उर्वरक दिया जाता है जिसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं होती। संघ ने आरोप लगाया कि खाद और यूरिया समय पर न मिलने से विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कालाबाजारी हो रही है। जिले में उपलब्ध खाद और यूरिया को गोदामों में रोककर रखा जा रहा है और फिर किसानों को गलत जानकारी देकर महंगे दामों पर दुकानों से बेचा जा रहा है।

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