भास्कर न्यूज | अमृतसर खालसा कॉलेज फॉर वुमन में वार्षिक कनवोकेशन का आयोजन हुआ। इस मौके पर खालसा यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर और खालसा कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के आनरेरी सचिव राजिंदर मोहन सिंह छीना मुख्य मेहमान के रूप में पहुंचे। उन्होंने करीब 710 छात्राओं को डिग्री प्रदान की। छीना ने कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना ही असली सशक्तिकरण है। बेटियों की पढ़ाई ही उनका असली दहेज है। विद्या ही उन्हें समाज, ससुराल और परिवार में इज्जत दिलाती है। उन्होंने कहा कि आज समाज में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। अगर एक लड़का पढ़ता है तो वह खुद शिक्षित होता है, लेकिन जब एक लड़की पढ़ती है तो पूरा परिवार और समाज शिक्षित होता है। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर खालसा यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डॉ. महल सिंह ने कहा कि डिग्री मिलना जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई चुनौती की शुरुआत है। उन्होंने छात्राओं को सच्ची सोच और दूरदर्शिता के साथ अपने लक्ष्य को पाने की प्रेरणा दी। उन्होंने प्रोफेशनल शिक्षा अपनाने पर भी जोर दिया। समारोह में खालसा यूनिवर्सिटी के अकादमिक डीन डॉ. सुरिंदर कौर, रजिस्ट्रार डॉ. खुशविंदर कुमार, एग्जामिनेशन कंट्रोलर डॉ. कंवलजीत सिंह, काउंसिल के संयुक्त सचिव अजमेर सिंह हेर, परमजीत सिंह बल्ल, लखविंदर सिंह ढिल्लों, राजबीर सिंह, संतोख सिंह सेठी, गुरप्रीत सिंह गिल, सदस्य सरबजीत सिंह होशियारनगर, खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा, गुरु तेग बहादुर कॉलेज फॉर वूमेन की प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी चोपड़ा, वाइस प्रिंसिपल रविंदर कौर, डॉ. मनबीर सहित स्टाफ और छात्राएं मौजूद रहीं।


