खूंटी में ग्राम प्रधान बलराम मुंडा की हत्या:पहले गोली मारी फिर धारदार हथियार से काटा, तेज बारिश के बीच अपराधियों ने घर में मचाया तांडव

खूंटी जिले के मारंगहादा थाना क्षेत्र के काड़ेतुबिद गांव में ग्राम प्रधान और भाजपा नेता बलराम मुंडा (47) की हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बलराम को गोली मारने के बाद धारदार हथियार से काट दिया। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें गांव के दो लोग और एक मिशनरी स्कूल का शिक्षक शामिल हैं। हत्या के पीछे अफीम लूट और पुलिस की कार्रवाई से नाराजगी को कारण माना जा रहा है। तेज बारिश के बीच पहुंचे 10-12 अपराधी बताया गया कि करीब 11 बजे तेज बारिश के बीच 10-12 अपराधियों ने बलराम मुंडा के घर को घेर लिया। इसके बाद पीछे के रास्ते दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। उन्होंने बलराम को कब्जे में लिया। उनकी बड़ी बहन बॉबी मुंडा को पास के घर में बंद कर दिया। पर, बहन का पति सिरका हस्सा भाग निकला। बलराम की बुजुर्ग मां अंगी मुंडाइन का गला दबाने की कोशिश की गई। बलराम का भांजा अचू मुंडा (25) हमले में घायल हो गया। अपराधियों ने घर की तलाशी लेते हुए सामान तहस-नहस कर दिया। जब उन्हें कुछ नहीं मिला, तो बलराम से कहासुनी हुई। अचानक अपराधियों ने उसे सीने में गोली मारी और धारदार हथियार से काट डाला। हमलावर करीब आधे घंटे तक घर में रहे। एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लोगों में आक्रोश, अंतिम संस्कार आज होगा घटना की खबर फैलते ही कई भाजपा कार्यकर्ता पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने परिजनों को सांत्वना दी। बलराम दो बार पंचायत समिति के सदस्य रह चुके थे और वर्तमान में भाजपा ग्रामीण मंडल में मंत्री थे। उनका एक भाई सेना में है। उनके आने के बाद आज अंतिम संस्कार होगा। बलराम अपने पीछे पत्नी, मां और तीन बच्चे छोड़ गए हैं। चार पिस्टल, गोली और धारदार हथियार बरामद पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें काड़ेतुबिद के बीरबल मुंडा, सिनू मुंडा, गाड़ामाड़ा के शिक्षक बुधराम हस्सा, सिदमा के केदार मुंडा, मुटूदा के अलीफ पूर्ति, कुबरसाल के अभिषेक हस्सा, गितिलबेड़ा के पाव पाहन, कोजरोंग के पतरस पाहन, जोरको के पलटन मुंडा व बंदगांव के पुष्पेंद्र यादव शामिल हैं। इनके पास से 4 पिस्टल व धारदार हथियार मिले हैं। पांच लोग मोहना टोली से पकड़े गए। हमले का मकसद अफीम लूटना था पुलिस जांच में पता चला कि हमले का मकसद अफीम लूटना था। बलराम ने दो दिन पहले घर के बाहर अफीम सुखाया था। किसी ने यह देख लिया। इसके बाद शनिवार को मारंगहादा साप्ताहिक हाट में हत्या और लूट की साजिश रची गई। अपराधियों को शक था कि बलराम की सूचना पर पुलिस ने गांव के अफीम खेत नष्ट किए थे, जिससे कई लोगों की फसलें बर्बाद हुई थीं। बलराम पुलिस के संपर्क में रहते थे, जिससे अपराधी उनसे नाराज थे। इस साल पुलिस की कार्रवाई में क्षेत्र के कई अफीम खेत नष्ट हुए थे, जिसका गुस्सा हमलावरों में था।

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