खेजड़ी आंदोलन को लेकर राज्य की सबसे बड़ी पंचायत से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत तक मुद्दा पहुंचा। विधानसभा में खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल और लोकसभा में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने यह मुद्दा उठाया। लोकसभा में नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने खेजड़ी वृक्ष को बचाने के लिए बीकानेर में चल रहे आंदोलन का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने खेजड़ी को पर्यावरण, जैव विविधता और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा बताते हुए इसके संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वेल में आकर खेजड़ी को बचाने की तख्ती लहराई। वहीं सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद लोकसभा के प्रवेश द्वार पर धरना देकर बैठ गए। सांसद बेनीवाल को इस मुद्दे पर कई सांसदों का समर्थन मिला। बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि मरुस्थलीय क्षेत्र की जीवनरेखा है। यह पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों की आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद सोलर, अन्य विकास परियोजनाओं, सड़क निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों के नाम पर खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेजड़ी को बचाने के लिए राजस्थान में जन आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस नीति या प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। उन्होंने ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग की। गोचर की तरह सीएम करेंगे खेजड़ी कटाई का समाधान विधानसभा में गुरुवार को खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में भी खेजड़ी काटी गई थी। आज जो कांग्रेस के लोग आंदोलन में साथ हैं, सही मायने में उनके दो चेहरे हैं। सोलर इस सरकार में नहीं आया। सोलर पांच साल पहले से हब बन रहा है। मेघवाल ने कहा कि मैं इस बात को पुरजोर तरीके से उठा रहा हूं कि खेजड़ी कटाई पर रोक लगनी चाहिए। सीएम ने अभी भरोसा दिया है कि वे ट्री प्रोटेक्शन एक्ट ला रहे हैं। उन्होंने इसका ऐलान किया है। मैं वापस सीएम से आग्रह करूंगा कि खेजड़ी देव वृक्ष है। यह बिश्नोई समाज के साथ आम आदमी से जुड़ा है। एक समाज ने इसके लिए बलिदान दिया है। बीकानेर में दो तारीख से आंदोलन हो रहा है। साधु-संतों की तबीयत बिगड़ रही है। कंपनियों को पाबंद किया जाए कि खेजड़ी न काटी जाए। अगर एक भी खेजड़ी कटे तो उस पर एक्शन हो। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के इस आरोप को खारिज किया कि जमीन का अलॉटमेंट इस सरकार ने किया है, बल्कि यह पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार करके गई है। मेघवाल ने कहा कि सोलर भी जरूरी है, मगर पर्यावरण भी बचना चाहिए। ट्री प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी है। ऐसी कोई घटना न हो, जिससे आम आदमी को तकलीफ हो। बीकानेर में गोचर का मुद्दा उठा था। उस गोचर को बचाने के लिए सीएम ने जो कदम उठाया, वह सराहनीय है और ठीक उसी तरह जल्दी ही खेजड़ी बचाने के लिए भी एक्ट लाया जाए, ताकि इसका संरक्षण हो सके।


