बीकानेर में खेजड़ी बचाने को चल रहे आंदोलन के तहत शनिवार को लगातार छठे दिन बिश्नोई धर्मशाला के आगे महापड़ाव जारी रहा। पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने भी पैदल कूच कर महापड़ाव स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों को संबोधित किया। सुबह से मंच पर भजन-कीर्तन चला, पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठे रहे और कांग्रेस ने रैली निकालकर आंदोलन को समर्थन दिया। बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी और बिश्नोई समाज के लोग अनशन पर बैठे हैं। महिलाओं की भागीदारी ज्यादा रही इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा देखने को मिली। आमतौर पर आंदोलनों में सीमित संख्या में महिलाएं शामिल होती हैं, लेकिन इस महापड़ाव में हर दिन सैकड़ों महिलाएं पहुंच रही हैं। अनशन हो या धरना-प्रदर्शन, महिलाएं हर गतिविधि में सक्रिय रूप से शामिल रहीं। पर्यावरण प्रेमी दूसरे दिन भी क्रमिक अनशन पर महापड़ाव के दौरान लगातार दूसरे दिन भी पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि खेजड़ी के संरक्षण को लेकर उनकी मांगें पूरी होने तक अनशन और महापड़ाव जारी रहेगा। कांग्रेस ने रैली निकालकर समर्थन जताया कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने रतन बिहारी पार्क से कलेक्टरी परिसर तक रैली निकालकर आंदोलन का समर्थन किया। रैली के बाद वे बिश्नोई धर्मशाला पहुंचे और महापड़ाव मंच से अनशनकारियों को संबोधित किया। डॉ. कल्ला बोले, सामाजिक मुद्दा है आंदोलन डॉ. बी.डी. कल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि खेजड़ी बचाने का यह आंदोलन प्राणी मात्र की रक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार का विषय है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने के आरोपों को खारिज किया। इस दौरान शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत भी उनके साथ मौजूद रहे।


