खेजड़ी बचाओ-प्रकृति बचाओ आंदोलन से जुड़ने के लिए पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने आ रहे हैं। यह अपनी तरह का पहला आंदोलन होगा, जहां लोग स्वेच्छा से अपने खर्च पर आएंगे। दो फरवरी को महापड़ाव को देखते हुए बीकानेर बंद की घोषणा भी की गई है। पर्यावरण संघर्ष समिति ने शहर, गांव और ढाणियों तक पहुंचकर प्रकृति बचाने का संदेश दिया है। आंदोलन की व्यूह रचना तैयार हो चुकी है। दो फरवरी को पॉलिटेक्निक कॉलेज के मैदान में विशाल जनसभा रखी गई है। दोपहर बाद बिश्नोई धर्मशाला के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू होगा। इस दौरान खेजड़ी की बेटी विषय पर नाटक का मंचन, भजन संध्या और रात्रि जागरण होगा। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि मुकाम के पीठाधीश्वर रामानंद महाराज के सानिध्य में महापड़ाव का शंखनाद किया जाएगा। आंदोलन का संयोजक परसाराम खोखर हैं। बड़ी संख्या में साधु संत समाज, 36 कौम के लोग शामिल होंगे। मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि भी आएंगे। जनसभा और महापड़ाव में 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। हालांकि सरकार डरी हुई है। आंदोलन को कुचलने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, लेकिन वकील समुदाय सहित कई संगठनों ने समर्थन दे दिया है। पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई ने बताया कि दो फरवरी को बीकानेर बंद रहेगा। अब सरकार से आर-पार की लड़ाई है। विधायक रविंद्र सिंह के बयान पर गंभीर हुए लोग रविंद्र सिंह भाटी ने खेजड़ी सहित हरे वृक्षों को संरक्षित करने के लिए कानून लाने की मांग करते हुए विधानसभा में कहा था कि सोलर कंपनियों के कारण 50 हजार पेड़ और काटे जाएंगे। पश्चिमी राजस्थान में अब तक 26 लाख पेड़ कट चुके हैं। उनका यह बयान पूरे प्रदेश में वायरल हुआ है। दैनिक भास्कर ने भी इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। उसे लेकर लोग गंभीर हुए हैं। इससे खेजड़ी बचाओ आंदोलन को भी बल मिला है। जीव रक्षा सभा के अध्यक्ष मोखराम धारणिया का कहना है कि जिला प्रशासन सोलर कंपनियों के दबाव में काम कर रहा है। सबसे गंभीर बात ये है कि केंद्र सरकार की कंपनी ही खेजड़ी कटवा रही हैं। सरकार के इस रवैये को देखते हुए आमजन को प्रकृति बचाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उधर, खेजड़ी पर कानून लाने की कवायद खेजड़ी बचाओ, प्रकृति बचाओ आंदोलन को देखते हुए सरकार चिंतित है। जिला प्रशासन से रोज रिपोर्ट ली जा रही है। हाल ही में राज्य मंत्री केके बिश्नोई, विधायक पब्बाराम बिश्नोई, पूर्व सांसद जसवंत सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई इस मुद्दे पर सीएम से मिले थे। उन्होंने विधानसभा सत्र में खेजड़ी और हरे वृक्षों के संरक्षण के लिए कानून लाने का आश्वासन दिया है। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई का कहना है कि सरकार पहले ही कई बार ऐसे आश्वासन दे चुकी है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद खेजड़ी के लाखों पेड़ कट चुके हैं। सोलर सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के कारण सरकार कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही करने से बच रही है।


