दिमनी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोपी के दो गांव—देवगढ़ और भाई खा का पुरा—में मुक्तिधाम नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के लिए जगह तो पहले ही आवंटित कर दी गई है, लेकिन वहां अब तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हुआ है। न तो चबूतरा बना है और न ही वहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को संकरे और कठिन रास्तों से या फिर सिंचित खेतों के बीच से होकर जाना पड़ता है। इसके बाद खुले आसमान के नीचे ही अंतिम संस्कार करना मजबूरी बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार पंचायत सचिव और मुख्यालय में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
दिमनी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोपी एक बड़ी पंचायत है। इसके अंतर्गत आने वाले दो गांव—भाई खां का पुरा और देवगढ़—में ज्यादातर दलित परिवार रहते हैं। इन गांवों में आज भी कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। इन दोनों गांवों में अब तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हुआ है। इसकी वजह से ग्रामीणों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुक्तिधाम के लिए जमीन तो पहले ही आवंटित की जा चुकी है, लेकिन वहां अब तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। मुक्तिधाम स्थल पर न तो टीन शेड बना है, न चबूतरा और न ही वहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता है। मजबूरी में ग्रामीणों को सिंचित खेतों या संकरे और कठिन रास्तों से होकर जाना पड़ता है। इसके बाद खुले में ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम पंचायत गोपी के भाई खां का पुरा गांव निवासी 48 वर्षीय रामबीर राठौर की लंबी बीमारी के बाद 18 दिसंबर को मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार 19 दिसंबर, शुक्रवार को किया गया। गांव में मुक्तिधाम और पक्का रास्ता नहीं होने के कारण शव यात्रा को सिंचित खेतों और कठिन रास्तों से होकर जंगल की ओर ले जाना पड़ा। इसके बाद गांव के बाहर खुले स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम नहीं होने की वजह से उन्हें हर बार ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में ग्राम पंचायत गोपी के सचिव अशोक सिंह तोमर ने बताया कि भाई खां का पुरा और देवगढ़ दोनों गांवों में मुक्तिधाम निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर संबंधित विभाग को भेज दिए गए हैं। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं जिला पंचायत के सीईओ कलेश भार्गव ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। जिले के अधिकतर गांवों में मुक्तिधाम बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो जल्द ही मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाएगा।


