हरदा जिले के रहटगांव वन परिक्षेत्र के सिंधखेड़ा गांव में रविवार शाम एक खेत में जंगली जानवर देखे जाने की सूचना मिली। ग्रामीणों को आशंका थी कि यह तेंदुआ हो सकता है। यह घटना भागवत सिंह सिंघा के खेत में हुई। ग्राम नकवाड़ा के उपसरपंच अरुण राजपूत ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम के साथ उपसरपंच राजपूत और ग्राम कोटवार सहित अन्य ग्रामीण भी मौजूद थे। वन विभाग की टीम ने खेत के अंदर पंजों के निशान देखे। इन निशानों में आगे की तरफ नाखून स्पष्ट दिख रहे थे। मोबाइल से तस्वीरें ली गईं और उनकी तुलना तेंदुए के पंजों के निशानों से की गई। वन विभाग के डिप्टी रेंजर दिनेश शर्मा ने बताया कि जांच के बाद पुष्टि हुई कि मिले हुए पंजे के निशान तेंदुए के नहीं थे। इसके बावजूद, वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी। कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई गई कि लोग रात में बाहर निकलने से बचें और सतर्क रहें। डिप्टी रेंजर शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह दोबारा मक्का के खेत में सर्चिंग कर जांच की जाएगी। उन्होंने संभावना जताई कि खेत में लकड़बग्घा आया होगा। सिंधखेड़ा गांव में एक खेत में जंगली जानवर देखे जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने शाम को खेत में एक जानवर देखा, जिसके बाद उन्हें तेंदुए के होने की आशंका हुई। यह घटना ग्राम सिंधखेड़ा में भागवत सिंह सिंघा के खेत में हुई। अरुण राजपूत (मो. 9933906072) ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम के साथ उप सरपंच अरुण राजपूत और ग्राम कोटवार भी मौजूद थे।मौके पर टीम ने खेत के अंदर पंजे के निशान देखे। इन निशानों में आगे की तरफ नाखून स्पष्ट दिख रहे थे। मोबाइल से तस्वीरें ली गईं और उनकी तुलना तेंदुए के पंजों के निशानों से की गई।जांच के बाद वन विभाग ने पुष्टि की कि मिले हुए पंजे के निशान तेंदुए के नहीं थे। इसके बावजूद, वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी। कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई गई कि लोग रात में बाहर निकलने से बचें और सतर्क रहें।


