खेल मंत्री मांडविया ने मोहन बागान को मोहन बैंगन बोला:TMC ने कहा- ये क्लब बंगाल की पहचान, वोटर भाजपा का बैंगन भरता बनाएंगे

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के नाम गलत बोलने पर विवाद शुरू हो गया है। सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने केंद्र पर बंगाल की संस्कृति के अपमान का आरोप लगाया है। TMC ने X पर वीडियो शेयर कर कहा- मोदी सरकार में खेल मंत्री मनसुख मांडविया बंगाल के 100 साल पुराने मशहूर फुटबॉल क्लबों के नाम भी उस इज्जत से नहीं ले सकते जिसके वे हकदार हैं। इन क्लब का नाम मोहन बैंगन और ईस्ट बैंगन नहीं है। बल्कि मोहन बागान और ईस्ट बंगाल है। TMC ने लिखा- ये क्लब बंगाल की पहचान हैं। इसलिए बांग्ला-विरोधी ताकतें इन्हें नफरत और बेइज्जती की नजर से देखती हैं। फुटबॉल बंगाल के खून में दौड़ता है। हम इसे जीते हैं, इसकी सांस लेते हैं, इसे जान से भी ज्यादा प्यारा मानते हैं। लेकिन ये बाहरी लोग जो बंगाल को हमेशा नफरत से देखते हैं, वे यह कभी नहीं समझेंगे। TMC ने पीएम मोदी के आगामी 17 जनवरी के बंगाल दौरे पर तंज कसा और कहा कि मोदी अपने तय दौरे से पहले कुछ बंगाली सीख लें, कहीं ऐसा न हो कि वे हमारी धरती पर वोट मांगते हुए और बेइज्जती करवा लें। मंगलवार को मांडविया की जुबान फिसली मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री इंडियन सुपर लीग (ISL) के 14 फरवरी से दोबारा शुरू होने की घोषणा कर रहे थे। इसी दौरान वे मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के नामों का सही उच्चारण नहीं कर पाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने पहले मोहन बैंगन और ईस्ट बैंगन कहा, जिसके बाद उन्होंने खुद को सुधारते हुए ईस्ट बंगाल कहा। इसकी वीडियो क्लिप वायरल हो गई। TMC नेता और मोहन बागान क्लब के सदस्य कुणाल घोष- ये दोनों सदियों पुराने क्लब हैं। मोहन बागान एक राष्ट्रीय पहचान है और ईस्ट बंगाल संघर्ष का प्रतीक है। केंद्रीय खेल मंत्री इन नामों को पढ़ते हुए भी सही नहीं बोल पाए। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल भाजपा ने विवाद को तूल देने से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि यह एक मानवीय गलती थी और प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य ISL को लेकर थी। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- SIR भाजपा के मोबाइल ऐप से हो रहा, चुनाव आयोग ने लोगों को परेशान किया पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया में भाजपा की आईटी सेल के बनाए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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