सीएम भजनलाल शर्मा ने आज युवा, खेल और महिला प्रतिनिधियों के साथ प्री बजट संवाद किया। सीएमओ में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में युवा और खेल क्षेत्र के प्रतिनिधियो ने सिंथेटिक ट्रैक की संख्या बढ़ाने, दिव्यागों के लिए गाइडलाइन, युवा संवाद केन्द्र, खेल विभाग में भर्ती, महिला सुरक्षा, कौशल विकास, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा शिविर, खेल के कोचों की संख्या बढ़ाने, स्कूल ओलम्पियाड का आयोजन सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए। वहीं इसके बाद आयोजित हुई महिला प्रतिनिधियों की बैठक में महिलाओं के लिए तहसील स्तर पर महिला केयर सेंटर, जिला स्तर पर महिला संकट प्रबंधन केन्द्र सहित बालिकाओं के लिए मुफ्त कोचिंग सेंटर खोलने के सुझाव आए। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी सुझावों पर विचार कर उन्हें बजट में यथासंभव शामिल करने का आश्वासन दिया। महिलाओं के सशक्तिकरण व सुरक्षा पर जोर
प्री बजट बैठक में हेमा वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापिक हेमलता चौहान ने बैठक में महिलाओं के लिए तहसील स्तर पर स्पेशल केयर सेंटर खोलने का सुझाव दिया। उन्होने कहा कि आज महिलाओं में ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर की समस्याएं बढ़ रही हैं। लेकिन ग्रामीण महिलाएं इन विषयों पर खुलकर बात नहीं कर पाती हैं। ऐसे में इन सेंटर पर महिलाओं को जागरूक करने के साथ ही इनकी काउंसलिंग की व्यवस्था हो। इसके साथ ही महिला प्रतिनिधियों ने सुझाव देते हुए कहा कि सरकार को महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाली शोषण की घटनाओं को रोकने के लिए गाइडलाइन की कड़ाई से पालना के लिए टास्क फोर्स का गठन होना चाहिए। राज्य को खेलों में अग्रणी बनाना सरकार की प्राथमिकता
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान खेलों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश खेलों में अग्रणी राज्य बने। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति, खेलो राजस्थान यूथ गेम्स का आयोजन, राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम, मिशन ओलंपिक 2028, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फोर स्पोर्ट्स जैसे निर्णयों से प्रदेश में खिलाड़ियों को तैयारियों के लिए समुचित अवसर मिल रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले में खेल से संबंधित सुविधाओं का विकास करने के लिए एक जिला-एक खेल, की योजना शुरू की गई हैं। जिससे जिले में अन्य खेलों के साथ एक विशेष खेल को भी बढ़ावा मिलेगा।


