खैरथल-तिजारा जिला सचिवालय में सोमवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में जिला सहकारिता विकास समिति की मासिक समीक्षा और 1 से 31 जनवरी तक चल रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बैठक के दौरान एमपी जनसुनवाई में प्राप्त परिवादों, संपर्क पोर्टल की प्रगति, बिजली-पानी जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति तथा केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की विभागवार समीक्षा की। लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों को लंबित न रखा जाए और उनका समयबद्ध निस्तारण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान की जाए। जिला सहकारिता विकास समिति की समीक्षा करते हुए, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने एमडी सरस को शेष ग्राम पंचायतों में दुग्ध सहकारी समितियों का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निष्क्रिय दुग्ध सहकारी समितियों को जल्द सक्रिय करने के निर्देश सहायक निदेशक सहकारिता विभाग, वेदप्रकाश सैनी ने बताया- जिले में कुल 524 दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 353 वर्तमान में सक्रिय हैं। इस पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने निष्क्रिय समितियों को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए, ताकि दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिल सके। बैठक में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत “सीख से सुरक्षा- तकनीक से परिवर्तन” थीम पर चल रही गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने जोर दिया कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों के आपसी समन्वय से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। सड़क सुरक्षा को लेकर भी निर्देश जारी किए उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को जिले में ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने, सड़कों की मरम्मत, साइनेज, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टर और मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस सुनिश्चित करने, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण रखने और हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग को सख्ती से लागू कराने के साथ-साथ जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग को यातायात नियमों की सख्त निगरानी करने, ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और स्कूलों व संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने को कहा गया। वहीं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, एम्बुलेंस रिस्पांस टाइम में सुधार लाने और ट्रॉमा केयर व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।


