खैरथल-तिजारा जिले में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा न्यायाधीश मीनाक्षी शर्मा एवं सचिव रणवीर सिंह के निर्देशानुसार ये शिविर बुधवार को कौशल्यम इंस्टीट्यूट फॉर ट्रेनिंग एंड रिसर्च, खैरथल में आयोजित हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में पीएलवी सूरजभान कछवाहा ने मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों के लिए उपलब्ध विधिक सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। शिविर में लगभग 150 लाभार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में विशेष शिक्षक प्रशिक्षण पुनर्वास केंद्र शिव ज्योति मनोविकास स्कूल के प्रशिक्षु, डिप्लोमा इन स्पेशल एजुकेशन के छात्र और बौद्धिक अक्षमता वाले दिव्यांगजन उपस्थित रहे। पीएलवी सूरजभान कछवाहा ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (MHCA) 2017 के अंतर्गत मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। शिविर के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं जैसे तनाव, चिंता एवं अवसाद पर विस्तार से चर्चा की गई। सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए। वक्ताओं ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता शिविरों से समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है। कार्यक्रम में व्याख्यान के साथ-साथ प्रश्नोत्तरी, पोस्टर मेकिंग एवं मेडिटेशन जैसी गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। इस आयोजन में पीएलवी गुलाब शर्मा सहित संस्थान के शिक्षक, प्रशिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। शिविर का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद वर्ग तक विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाना था।


