खैरागढ़ में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने एक अनूठी पहल की है। पुलिसकर्मियों ने यमराज और चित्रगुप्त का वेश धारण कर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। इस रोचक अभियान में यमराज बने पुलिसकर्मी ने बिना हेलमेट, सीटबेल्ट और 3 सवारी चलने वालों को रोककर समझाया कि नियमों का उल्लंघन मौत को न्योता देने जैसा है। चित्रगुप्त के रूप में तैनात पुलिसकर्मी ने चालकों को बताया कि तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेलमेट और सीटबेल्ट महज कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन रक्षक उपकरण हैं। हेलमेट सिर की चोटों से बचाता है, जबकि सीटबेल्ट दुर्घटना में गंभीर चोटों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस अभियान को स्थानीय लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। राहगीरों, बच्चों और युवाओं ने न केवल यमराज-चित्रगुप्त के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, बल्कि यातायात नियमों को समझने में भी गंभीर रुचि दिखाई। एक युवक ने कहा कि यह अभिनव तरीका उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होने को प्रेरित करता है। पुलिस का यह प्रयास सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों की सोच बदलने में सफल साबित हो रहा है। खैरागढ़ पुलिस ने इस अभियान के जरिए न केवल लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया, बल्कि यह भी चेतावनी दी कि अगर अगली बार नियम तोड़े गए, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में पांच वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। यमराज और चित्रगुप्त का यह अनोखा अवतार सिर्फ एक जागरूकता अभियान नहीं था, बल्कि लोगों के दिलों को छूने वाला प्रयास था। हास्य-व्यंग्य के जरिए पुलिस ने यह दिखा दिया कि नियमों का पालन करना जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है। खैरागढ़ पुलिस का यह अभिनव प्रयास न केवल मजेदार था, बल्कि प्रेरणादायक भी।


