जशपुर में रविवार को ख्रीस्तीय समुदाय ने ख्रीस्त राजा पर्व मनाया। इस अवसर पर शहर के संत इग्नासियुस चर्च शांति भवन में विशेष मिस्सा प्रार्थना आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने यीशु मसीह के उपदेशों और शिक्षाओं का स्मरण किया। पर्व के उपलक्ष्य में करबला मैदान से एक शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा जैन स्कूल, बस स्टैंड, महाराजा चौक, हॉस्पिटल रोड, जेल रोड और कलेक्ट्रेट मार्ग से होते हुए शांति भवन गिरजाघर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और पुष्पवर्षा की। शोभायात्रा का नेतृत्व पल्ली पुरोहित फादर फुलजेंस एक्का ने किया। लोग धार्मिक गीत गाते और प्रार्थना पाठ करते हुए आगे बढ़ रहे थे। परी की पोशाक और पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने पूरे मार्ग में पुष्प अर्पित किए। इस दौरान पूरा शहर “ख्रीस्त राजा की जय” के नारों से गूंज उठा। ख्रीस्त राजा पर्व के महत्व पर फादर एक्का ने की चर्चा फादर फुलजेंस एक्का ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नवंबर का अंतिम रविवार ईसाई धर्म में ख्रीस्त राजा पर्व के रूप में मनाया जाता है। इसके बाद नए पूजन वर्ष की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व शांति, न्याय, प्रेम, सत्य, समानता और भाईचारे पर आधारित ईश्वर के राज्य की स्थापना का संदेश देता है। समुदाय ने शांति और एकता का संकल्प समुदाय के सदस्यों ने इस अवसर पर समाज में शांति, प्रेम, आपसी समझ और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया। यह भी घोषणा की गई कि 1 दिसंबर से आगमन काल की शुरुआत होगी। इसके बाद विश्वासी विभिन्न घरों और समुदायों में जाकर ईसा मसीह के आगमन का संदेश साझा करेंगे, जिससे समाज में सद्भावना और सामंजस्य मजबूत होगा।


