झालावाड़ के गंगधार क्षेत्र में पशु चिकित्सा की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। डग विधानसभा के गंगधार चौमहला स्थित पशु अस्पताल में डॉक्टर का पद लंबे समय से रिक्त है और पूरा अस्पताल मात्र एक कंपाउंडर के भरोसे चल रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि समय पर उचित चिकित्सा न मिलने के कारण गोवंश की लगातार मौतें हो रही हैं। हाल ही में एक बछड़े की पेट में दर्द के कारण मृत्यु हो गई, जिसे समय पर डॉक्टर की सेवाएं मिलने पर बचाया जा सकता था। आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को हेल्पलाइन 1962 पर कॉल कर डग से एम्बुलेंस बुलानी पड़ती है, जो समय पर पहुंचने में विफल रहती है। यह समस्या केवल गंगधार तक सीमित नहीं है। क्षेत्र के अधिकांश कस्बों में या तो पशु डॉक्टर नहीं हैं, या फिर अस्पताल में ताले लटके रहते हैं। कुछ सामाजिक संस्थाओं की मदद से स्थिति को संभाला जा रहा है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। भारतीय किसान संघ और गो रक्षक दल ने इस स्थिति पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। दुखद यह है कि जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को अनदेखा कर दिया है, क्योंकि मूक पशु उनके मतदाता नहीं हैं। सरकार से मांग की जा रही है कि वह तत्काल रिक्त पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति करे और पशु चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाए, ताकि मूक प्राणियों की अकाल मृत्यु को रोका जा सके।


