मृत्यु के बाद शरीर को मिट्टी में मिलना है। तीन-तीन किमी दूर से लोग शव जलाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन गंदगी के बीच शव जलाते देख पीड़ा होती थी। 2 अक्टूबर, 2014 को देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। यही देख उन्हें भी लगता था कि मृत शरीर स्वच्छता के साथ जले व मिट्टी में मिले। इसी सोच से प्रेरित होकर बड़गाईं के रहने वाले धनलाल साहू ने अपनी 4 करोड़ की कीमती 1.27 एकड़ जमीन, बड़गाईं श्मशान और सड़क के लिए दान कर दी। अब बड़गाईं श्मशान घाट स्वच्छ हो गया है। 61 साल के धनलाल साहू को यह देख सुकून मिलता है कि उनकी दान की गई जमीन में अब स्वच्छता के साथ चिताएं जलती हैं। पूर्व में बड़गाईं श्मशान घाट काफी कम जगह में सिमटा हुआ था। वहां गंदगी भी रहती थी। धनलाल साहू की जमीन श्मशान घाट के पास ही थी। उन्होंने अपनी 1.27 एकड़ जमीन वर्ष 2017 में दान कर दी। एक एकड़ जमीन श्मशान के लिए इस्तेमाल हो रही है। वहीं, 27 डिसमिल जमीन पर सड़क बनाई गई। खेती बारी करते हैं धनलाल, अब समाज सेवा में भी आगे धनलाल साहू तीन भाई हैं। उनकी पुस्तैनी जमीन 15 एकड़ है। अब तीनों भाइयों में 5-5 एकड़ जमीन बंट गई है। खेती बारी ही उनका मूल काम है। उनके तीन बच्चे हैं। दो लड़की व एक लड़का। परिवार खेती-बारी से ही चलता है। अब उनकी इच्छा है कि जो जीवन बचा हुआ है, वह समाज सेवा के लिए समर्पित रहे। वे अक्सर बड़गांई स्थित श्मशान में आते हैं। कोई समस्या आती है तो उसका निदान करने में लग जाते हैं। ग्रामीणों के सहयोग से अब यहां हैं हर तरह की सुविधाएं ग्रामीणों, पूर्व मेयर व वार्ड पार्षद की मदद से अब यहां हर तरह की सुविधा उपलब्ध हो गई है। जब श्मशान को जमीन मिली तो बाउंड्रीवॉल नहीं था। धनलाल ने स्थानीय लोगों के सहयोग से ग्रामीणों से चंदा के रूप में ईंट, बालू, सीमेंट और रॉड लिया। इसके बाद बाउंड्रीवाल बनवाई गई। जिस पर करीब 50 लाख रुपए खर्च हुए। अब यहां शव जलाने के लिए स्वच्छ शेड के साथ-साथ घाट पर आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था व पेयजल सहित अन्य सुविधाएं हैं। श्मशान के लिए जमीन दान देने वाले धनलाल साहू और उनकी जमीन पर बना श्मशान घाट का शेड। ग्रामीणों से चंदा स्वरूप लिया ईंट, बालू, गिट्टी व सीमेंट, श्मशान की बाउंड्रीवाल बनवाने पर खर्च हुए 50 लाख रुपए प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान से धनलाल साहू हुए प्रेरित, दान की गई जमीन की कीमत है 4 करोड़


