गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्वालियर चिड़ियाघर में भारी भीड़ उमड़ी। एक ही दिन में 2474 दर्शक जीव-जंतुओं को देखने पहुंचे, जिससे नगर निगम को 1 लाख 22 हजार 600 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इन दर्शकों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल थे। चिड़ियाघर में वयस्कों के लिए 70 रुपये और बच्चों के लिए 20 रुपये का टिकट निर्धारित है। बच्चों ने बाघ, बब्बर शेर, हिप्पो और बंदरों को देखने का विशेष आनंद लिया। इस दौरान कई स्कूल भी अपने विद्यार्थियों को लेकर चिड़ियाघर पहुंचे थे। गणतंत्र दिवस पर सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों के साथ चिड़ियाघर पहुंचे। इस दिन कुल 1822 पुरुष, 623 बच्चे और 29 महिलाएं चिड़ियाघर देखने आईं। चिड़ियाघर के ब्लैक बक हिरण बाड़े में दर्शकों को सफेद हिरण देखने को मिले। इन सफेद रंग के हिरणों को देखकर कई दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। हालांकि, इस बार काले हिरणों की संख्या कम दिखाई दी। ठंड के मौसम के कारण कई सरीसृप दर्शकों को दिखाई नहीं दिए। मगरमच्छ और घड़ियाल पानी के भीतर ही रहे। अफ्रीका में पाए जाने वाले हिप्पो को देखने पहुंचे दर्शकों को भी निराशा हुई, क्योंकि ठंड के कारण हिप्पो अपने परिवार के साथ पानी में ही रहा। चिड़ियाघर के बब्बर शेर की दहाड़ से सहम गए सैलानी गुजरात के गिर में पाए जाने वाले बबर गैर द्वारा चिड़ियाघर में जोर से दहाड़ मारने के कारण वहां पर मौजूद बच्चे एवं सैलानी सहम गए। जानवरों में बब्बर शेर की दहाड़ की आवाज अधिक दूरी तक जाती है। धूप खान पानी से बाहर आए घड़ियाल और मगर सर्दी का मौसम होने एवं दिन में धूप नहीं निकलने के कारण तडे खून वाले मगरमच्छ एव चड़ियाल पूरा समय पानी के अंदर ही रहे। पानी के बाहर केवल उनका थोड़ा सा मुह ही दिख रहा था। इसके कारण 17 फीट लंबे मगर एवं 15 फीट के घड़ियाल के दर्शन सैलानियों को नहीं हो पाए। चिड़ियाघर के बाहर हुआ व्यापार मेरे जैसा दृश्य चिडियाघर के अंदर दर्शकों का मेला लगा था. तो वहीं बाहर भी चाट. नाश्ते के जैसे होने के कारण काफी संख्या में वहां पर सैलानी मौजूद थे और सभी ने चाट, नाश्ते का लुत्फ उठाया।


