प्रदेश में 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में जो झांकियां तैयार की जाएंगी उसमें विरासत से विकास थीम की झलक दिखाई देगी। मोहन सरकार के निर्देश पर इस तरह की झांकियां तैयार करने का काम संबंधित विभागों ने शुरू कर दिया है। विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विभाग की विरासत से विकास की गाथा वाली झांकी तैयार कराकर समारोह में शामिल कराएंगे। मोहन सरकार के दूसरे गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार राजधानी के लाल परेड मैदान पर होने वाले मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में विभिन्न विभागों की नवाचार से जुड़ी योजनाओं की झलक दिखेगी। इसको लेकर मोहन सरकार ने तीन महीने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। संस्कृति विभाग की देखरेख में तैयार हो रही झांकियों के माध्यम से गणतंत्र दिवस समारोह में विरासत और विकास दोनों की ही झलक दिखाई जाएगी। नवाचार योजनाओं की झलक दिखेगी गणतंत्र दिवस समारोह के लिए जो झांकिया सिलेक्ट की जा रही हैं, उनमें विभागों की नवाचार योजनाओं को प्रमुखता से दिखाने पर फोकस किया जा रहा है। इसमें खासतौर पर नारी सशक्तिकरण, स्वरोजगार योजना, रातापानी अभ्यारण्य, गौ संरक्षण और संवर्धन, औद्योगिक निवेश, किसान कल्याण, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक अभ्युदय, पर्यटन विकास के नए आयाम, पर्यावरण के लिए नव जागृति, मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान, ऊर्जा के गैर पारंपरिक स्त्रोत समेत शासन की अन्य नीतियों और योजनाओं पर झांकिया तैयार कराई जा रही हैं। विभागों का प्रजेंटेशन प्रशासन अकादमी में इस थीम को लेकर तैयार की जा रही झांकियों के मामले में संस्कृति विभाग द्वारा आज प्रशासन अकादमी के महानिदेशक की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में विभागों से मिलने वाले झांकी प्रदर्शन से संबंधित प्रस्तावों का प्रजेटेंशन किया जाकर सुझाव लिए गए। सुझावों के आधार पर समारोह में पेश होने वाली झांकी को आकर्षक बनाने का काम किया जाएगा। इसको लेकर 25 अक्टूबर को पहली और 27 दिसम्बर को दूसरे दौर की बैठक हो चुकी है।


