भास्कर न्यूज| महासमुंद 76वें गणतंत्र दिवस पर महासमुंद जिले में देशभक्ति और अनुशासन की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने ध्वजारोहण के ठीक बाद उनका प्रथम कार्य मां महामाया डिफेंस एकेडमी के उन होनहार युवाओं को सम्मानित करना रहा, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और एकेडमी के निशुल्क प्रशिक्षण की बदौलत विभिन्न सुरक्षा बलों में अपना स्थान पक्का किया है। मिनी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में कलेक्टर लंगेह, पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रभात कुमार, अपर कलेक्टर रवि साहू और डिप्टी कलेक्टर मनोज कुमार खांडे ने संयुक्त रूप से इन भावी सैनिकों का सम्मान किया। स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, जनरल ड्यूटी और छत्तीसगढ़ पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा विभागों में चयनित हुए 42 युवाओं को प्रस्तुति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले युवाओं में युवराज, निलेश, अभिषेक, मंजू यादव, नागेन्द्र, युगल, लक्ष्मी पटेल, हुलेश्वरी, रिया साहू, अभिषा मिंज व अन्य शामिल हैं। प्रशासन ने इन युवाओं के जज्बे को सलाम करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। परेड के उपरान्त, देश सेवा का जुनून पैदा करने वाले एकेडमी के सभी प्रशिक्षकों को कलेक्टर और एसपी ने विशेष सेवा प्रमाण पत्र से नवाजा। इसके अतिरिक्त, अग्निवीर भर्ती (2025-26) की लिखित, शारीरिक व चिकित्सा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले एकेडमी के 17 अभ्यर्थियों (क्रमशः नैमिस सिदार, चुड़ामणि, आयुष पात्र, जयन्त आदि) को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। एकेडमी का संचालन पूर्व सैनिक पुरुषोत्तम डनसना (अध्यक्ष), चन्द्रहास साहू (उपाध्यक्ष/एनसीसी प्रशिक्षक), रेखराम ध्रुव (सचिव/शारीरिक प्रशिक्षक) और योगेश यादव (खेल प्रशिक्षक) के मार्गदर्शन में पूरी तरह निशुल्क किया जाता है। वर्तमान में एकेडमी में एसएससी जीडी, अग्निवीर, एसआई और दिल्ली पुलिस की जोर-शोर से तैयारी चल रही है। एकेडमी का नारा है- क्या चाहिए? वर्दी! क्या करेंगे? मेहनत। सफलता का परचम लहराया: एकेडमी की मेहनत रंग ला रही है। अब तक यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा आत्मनिर्भर होकर देश सेवा कर रहे हैं। इनमें से 40 का बस्तर फाइटर, 42 नगर सेना, 18 छत्तीसगढ़ पुलिस, 17 अग्निवीर थलसेना, 04 सब-इंस्पेक्टर (एसआई), 02 दिल्ली पुलिस, 02 रेलवे पुलिस, 02 अग्निपथ वायुसेना इसके अलावा वन विभाग और फायरमैन जैसे अनेक पदों पर चयन हुआ है। वर्दी के लिए कोई फीस न लेने की अनोखी पहल मां महामाया डिफेंस एकेडमी जिले में निस्वार्थ सेवा की मिसाल बन चुकी है। एकेडमी के अध्यक्ष और पूर्व सैनिक पुरुषोत्तम डनसना (आर्मी एडवेंचर ट्रेनर) का मानना है कि युवाओं के वर्दी के लिए या देशसेवा के लिए कोई फीस नहीं होनी चाहिए। यहां प्रवेश पाने के लिए केवल 11 रुपये और एक नारियल (मां महामाया मंदिर या अपनी आस्था अनुसार/जरूरतमंद को सहयोग) का व्यय होता है। अभिभावक की अनुमति और शपथ पत्र के साथ युवा यहां प्रशिक्षण ले सकते हैं।


