गन्ने की कमी, शुगर मिल में अब सिर्फ 224 टन गन्ना है, पेराई बंद

भास्कर न्यूज | बालोद गन्ने की कमी के चलते जिले के एकमात्र शुगर मिल करकाभाट में ब्रेकडाउन की स्थिति बन रही है। प्रबंधन के अनुसार रविवार को पेराई बंद रही। लिहाजा शक्कर व मोलासिस उत्पादन नहीं हो पाया। दावा किया जा रहा है कि जल्द पेराई शुरु हो जाएगी। हालांकि ऐसा दावा इसके पहले भी ब्रेकडाउन की स्थिति बनने के बाद विभागीय अफसरों ने किया था लेकिन पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं होने की वजह से पेराई बंद करने की नौबत आ ही रही है। एमडी राजेंद्र राठिया, जीएम एलके देवांगन दावा कर रहे हैं कि बालोद के अलावा दूसरे जिले के किसानों को भी टोकन जारी कर रहे हैं बावजूद नियमित पेराई नहीं हो रही है। रोजाना गन्ने की कमी होने से ब्रेकडाउन की स्थिति बन ही रही है। इसके पहले भी गन्ने की कमी होने से ब्रेकडाउन की स्थिति बन रही थी लेकिन कम मात्रा में पेराई होने से शक्कर उत्पादन हो रहा था। इस माह गन्ने की कमी होने से लगातार तीन दिन तक पेराई बंद करने की नौबत आई थी। दूसरे जिले के किसान भी गन्ना बेचने पहुंच नहीं रहे है। बालोद के अलावा अन्य जिले के किसानों को टोकन जारी किया जा रहा है । 60 हजार क्विंटल शक्कर उत्पादन का लक्ष्य रखे हैं प्रबंधन ने इस सीजन 60 हजार क्विंटल शक्कर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। 22 दिसंबर से 15 फरवरी तक 35 हजार 940 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई से 36 हजार 500 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ है। जो निर्धारित लक्ष्य से 23 हजार 500 क्विंटल कम है। गन्ने की कमी के बीच लक्ष्य हासिल करना चुनौती बनी हुई है। अब तक एक हजार 405 मीट्रिक टन मोलासिस उत्पादन हो चुका है। इस सीजन 60-65 टन गन्ना खरीदी का अनुमान प्रबंधन ने इस सीजन शुगर मिल में पेराई, शक्कर उत्पादन के लिए 60 से 65 हजार मीट्रिक टन गन्ना पहुंचने का अनुमान लगाया है। फिलहाल की स्थिति में अनुमान से कम गन्ने की खरीदी हो पाई है। प्रबंधन ने जिले के 5 ब्लॉक से 40 हजार टन गन्ना पहुंचने का अनुमान है। वहीं धमतरी, कांकेर, दुर्ग, बेमेतरा, रायपुर सहित अन्य जिले से 20 से 25 हजार टन गन्ना पहुंचने का अनुमान लगाया है। गन्ने की आवक कम होने से ब्रेकडाउन की स्थिति भले ही रिकवरी रेट 10% से ज्यादा होने से बेहतर माना जा रहा है। इसके अलावा पहले की तुलना में रिकवरी रेट में इजाफा हो रहा है लेकिन प्रबंधन यह भी स्वीकार कर रहा है कि गन्ने की आवक कम होने से ब्रेकडाउन की स्थिति बन रही है। आगे भी यह स्थिति रह सकती है। ऐसे में लक्ष्य हासिल करना चुनौती रहेगी। पिछले एक माह से गन्ने की कमी होने से पेराई प्रभावित हो रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *