भास्कर न्यूज | बगोदर प्रखंड के मुंडरो पंचायत के गम्हरिया आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार को सहायिका चयन प्रक्रिया फिर से पूरी नहीं हो सकी। पांचवीं बार चयन कराने पहुंचे सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका को ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना निर्णय के वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में चयनित सेविका बबिता कुमारी और उनके पति टेकलाल महतो के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। जब तक सभी दस्तावेजों की गहन जांच नहीं होती, तब तक चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ानी चाहिए। बताया जाता है कि 2 अगस्त 2022 को गम्हरिया आंगनबाड़ी सेविका के रूप में बबिता कुमारी का चयन किया गया था, जिस समय भी ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि बबिता कुमारी आंगनबाड़ी में सहायिका के रूप में कार्यरत रहते हुए मैट्रिक, इंटर और स्नातक की पढ़ाई पूरी की, जबकि विभाग से अवकाश नहीं लिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि स्नातक की पढ़ाई के दौरान उन्होंने छह सेमेस्टर की परीक्षा दी, जबकि विश्वविद्यालय में प्राइवेट छात्रों के लिए वार्षिक परीक्षा प्रणाली है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जिस दिन परीक्षा देने की बात कही जा रही है, उसी दिन उनकी उपस्थिति आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज है, जिससे एक ही व्यक्ति का एक दिन में दो स्थानों पर उपस्थित होना संदिग्ध है। ग्रामीणों ने सीडीपीओ प्रवीण कुमार से स्पष्ट जानकारी मांगी, लेकिन उन्होंने उपायुक्त के निर्णय का हवाला देते हुए कोई ठोस जवाब नहीं दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया का विरोध जारी रखा और सभी अधिकारी बिना चयन के लौट गए। ग्रामीणों ने एक साथ मांग की कि बबिता कुमारी के सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की गहन जांच कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। गम्हरिया आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका सुदामा देवी की 2020 में मधुमक्खियों के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 2022 में सहायिका बबिता देवी को सेविका पद पर चयनित किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र पिछले चार वर्षों से बिना सहायिका के संचालित हो रहा है। मौके पर कारूलाल महतो, महेंद्र महतो, लालमोहन महतो, संतोष मंडल, वार्ड सदस्य प्रदीप मंडल, राजेश मंडल, सुनील मंडल, बासुदेव विद्यार्थी, नारायण महतो, माधो राजू महतो, बलराम महतो, नंदकिशोर ठाकुर, वार्ड सदस्य चमेली देवी, दूरिता देवी, संकरी देवी, उर्मिला देवी, कुंती देवी, यशोदा देवी, पनवा देवी, मंजू देवी, महेश महतो, मुकेश गिरधारी, नीलकंठ, निर्मल, गीता देवी, वनिता देवी, पूनम कुमारी, तेजलाल मंडल, सुनील महतो समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।


