गरियाबंद जिले के मैनपुर तहसील मुख्यालय में बरसाती नाला के पार बसे डेम पारा में 20 परिवार रहते हैं। यह बस्ती चेक डेम के पार होने के कारण डेम पारा कहलाती है। बारिश के दिनों में यहां के लोगों को आवाजाही के लिए चेक डेम के 10 फीट ऊंचे और एक मीटर चौड़े पिलरों पर कूदना पड़ता है। स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को नाले का बहाव तेज होने पर पिलरों पर कूदकर आना-जाना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग विधायक जनक ध्रुव से मिले। विधायक ने पहले प्रशासनिक अमले को मौका निरीक्षण के लिए भेजा। फिर खुद पिलरों पर कूदकर डेम पारा पहुंचे और चेक डेम में फंसी झाड़ियों को हटाया, जिससे बच्चों को आने-जाने में आसानी हो। स्थायी समाधान का आश्वासन ग्रामीणों ने बताया कि मैनपुर का यह स्टॉप डेम बेहद जर्जर हो चुका है। इसमें 20 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। ज्यादा बारिश होने पर नदी में बाढ़ आ जाती है। ऐसे में मोहल्ले के लोगों और स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। विधायक ने प्रशासन के साथ मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। बारिश हुई तो वापसी मुश्किल छात्राओं ने विधायक को बताया ज्यादा बारिश होने पर हम लोग स्कूल नही जा पाते और स्कूल से घर वापस नही आ पाते। पहले एक दो लोग हादसे का शिकार हो चुके है। मोहल्ले के लोगो ने बताया इस स्टापडेम को सालों पहले सिंचाई विभाग ने निर्माण कराया था, जो अब टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। साथ ही पिल्हर से कूदकर आना जाना करना ग्रामीणों की मजबूरी है। ग्रामीणों ने विधायक से नदी के उपरी भाग में रपटा निर्माण की मांग किया है साथ ही क्षतिग्रस्त स्टापडेम की मरम्मत करवाने की मांग किया है। विधायक बोले- सिंचाई मंत्री को अवगत कराऊंगा दौरे से लौटने के बाद कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि आपस में मिलकर इसके लिए स्थायी समाधान निकालना पड़ेगा। सरकार का ध्यान आकर्षण कराऊंगा ताकि चेक डेम के ऊपर रपटा निर्माण हो जाए। विधायक ने कहा कि बिंद्रानवागढ़ के लंबित सिंचाई योजनाओं को लेकर सरकार से बार बार पत्राचार किया गया है, ताकि कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता की सूची में रखे, पर एक भी योजनाओं को नहीं रखा गया। चेक डेम में जंप करके आवाजाही करना यह प्रदेश की इकलौती व्यवस्था है जिसे बदलने की जरूरत है।


