उदयपुर जिले के लोसिंग निवासी दिहाड़ी मजदूर भैरूलाल गमेती के चार वर्षीय बेटे करण के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है। जन्म से ही सुन और बोल नहीं सकने वाले करण का ऑपरेशन डॉ. अशोक शर्मा की दरियादिली से संभव हो पाया है। बेदला स्थित हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने करण के इलाज का कुल खर्च साढ़े 5 लाख रुपए बताया था। मजदूरी करने वाले भैरूलाल के लिए यह राशि जुटा पाना नामुमकिन था। सरकारी योजना की मदद नहीं मिली। किसी परिचित की सलाह पर उन्होंने बड़गांव सेटेलाइट अस्पताल के प्रभारी डॉ. अशोक शर्मा से संपर्क किया। डॉ. शर्मा ने मेवाड़ स्पीच थैरेपी में डॉ. महिपाल सिंह राणावत से बात की, जिन्होंने श्रव्या फाउंडेशन से बात कर कॉक्लियर इंप्लांट की व्यवस्था की। यह उपकरण करीब साढ़े 4 लाख रुपए का है। अब सर्जरी के लिए डेढ़ लाख रुपए की जरूरत थी। कहीं से मदद नहीं मिली, तो वह निराश होकर दोबारा डॉ. अशोक शर्मा के पास पहुंचे। बच्चे की स्थिति और पिता की बेबसी को देखकर डॉ. शर्मा ने अपनी जेब से डेढ़ लाख रुपए अहमदाबाद के अस्पताल में जमा करवाए। डॉ. शर्मा की इस मदद के बाद करण का ऑपरेशन गत 16 सितंबर को सफलतापूर्वक हो गया है।कृष्ण भक्त डॉ. अशोक शर्मा अस्पताल में मरीजों के देखने के बाद गोशाला चलाते हैं।


