मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के ग्राम धलपट में पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने गरोठ पुलिस पर घरों में घुसकर महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने, धमकाने और बिना पंचनामा दो बाइक जब्त करने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदसौर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष विभागीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि यह घटना 1 फरवरी 2026 की रात लगभग 8 बजे हुई थी। गरोठ थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर जया भारद्वाज, प्रधान आरक्षक मानसिंह भाटी और अन्य पुलिसकर्मी पुलिस बल के साथ ग्राम धलपट पहुंचे थे। आरोप- पुलिसकर्मी जूते पहनकर रसोईघर में घुस गए
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस टीम सबसे पहले श्यामसुंदर पाटीदार पिता मगनीराम पाटीदार के घर पहुंची। आरोप है कि पुलिसकर्मी जूते पहनकर सीधे रसोईघर में घुस गए। जब घर की महिलाओं ने पुलिस के आने का कारण पूछा, तो उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और दुर्व्यवहार किया गया। पुलिसकर्मियों पर महिलाओं को धमकाने का भी आरोप है। उन्होंने कथित तौर पर कहा, “ज्यादा नेतागिरी करोगी तो तुम्हें भी उठा ले जाएंगे और झूठे केस में मुलजिम बना देंगे।” इसके बाद घर की तलाशी ली गई, जिसमें कपड़े, अलमारी और घरेलू सामान बिखेर दिए गए। पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा कि “थाने आ जाना, वहीं बैठकर जो भी लेन-देन होगी कर लेंगे।” इसके बाद पुलिस टीम विनोद खारोल पिता रामगोपाल खारोल, निवासी ग्राम धलपट के घर पहुंची और उनसे संबंधित पूछताछ की। जब घर की महिलाओं ने बताया कि विनोद खारोल गांव से बाहर गए हुए हैं, तब घर में खड़ी दो बाइकों को लेकर पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने बिना कोई पंचनामा बनाए दो बाइकें जब्त कर लीं। इनमें टीवीएस स्टार सिटी (पंजीयन क्रमांक MP-14 MT 8640) और टीवीएस स्टार स्पोर्ट (पंजीयन क्रमांक MP-14 MY 7837) शामिल हैं। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि दोनों वाहन विनोद खारोल के नाम पर आरटीओ कार्यालय में विधिवत पंजीकृत हैं, इसके बावजूद पुलिस ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी और वाहन थाना गरोठ ले गई। सरपंच द्वारा आरसी दिखाने के बाद भी नहीं छोड़े वाहन
आरोप है कि जब गांव के सरपंच मूल आरसी कार्ड लेकर थाना गरोठ पहुंचे, तब भी पुलिस द्वारा वाहन देने से इनकार कर दिया गया। इस दौरान भी पुलिसकर्मियों द्वारा विनोद खारोल के घर की महिलाओं से अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया और उन्हें उठाकर थाने ले जाने तथा झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। एसपी से निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की कि गरोठ पुलिस द्वारा की गई पूरी कार्रवाई की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास बना रहे।


