गर्भपात की दवा से मौत के बाद मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी, संचालकों से पूछताछ

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर गर्भपात की दवाओं से हुई मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को शहर के कई मेडिकल स्टोर्स पर छापा मारा। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देश पर की गई। जिले में 300 से ज्यादा मेडिकल स्टोर हैं। संयुक्त टीम ने शहर के कई दवा दुकानों में दवाओं की खरीद-बिक्री, सीसी कैमरे की व्यवस्था और नशीली व गर्भपात से जुड़ी दवाओं की जांच की। मेडिकल स्टोर्स से पूछताछ भी की गई। इस अभियान में औषधि निरीक्षक आलोक कुमार मौर्य, अनिल कुमार पैंकरा, प्र.आर. अमित कुमार सिंह और आरक्षक रमन मंडल शामिल रहे। पुलिस और ड्रग विभाग का यह संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले में नशीली दवाओं की भी बड़े स्तर पर तस्करी होती है। मामले में पिछले महीनों में एक दो दुकानदारों पर कार्रवाई भी हुई। ज्यादातर मामलों में ये बात सामने आती है कि तस्कर उत्तरप्रदेश, बिहार व झारखंड से नशीली दवा लेकर आते हैं और यहां छोटे सप्लायरों को देते हैं। इनसे नशीली दवा खरीदते हैं। पुलिस नशे के खिलाफ कार्रवाई तो करती है लेकिन इसका नेटवर्क अब तक खत्म कर पाने में सफल नहीं हो पायी है। नशीली दवा व गर्भपात की दवा बेचने के लिए डाक्टर की पर्ची जरूरी है। ग्राहक के पास इसकी पर्ची होनी चाहिए। दुकानदार पर्ची की छाया प्रति अपने पास रख लेता है, फिर ग्राहक को संबंधित दवा देता है। इसके कड़े मापदंड है। स्टाक को भी मेंटेन रखना है। इससे ये पता चल जाता है कि संबंधित दवा किस मरीज को दुकानदार ने बेची है। ज्यादातर दुकानों में इसका पालन नहीं होता है। गर्भपात की दवा से दो युवतियों की मौत हुई थी जिले में पखवाड़े भर के भीतर गर्भपात की दवा खाने से दो युवतियों की मौत का मामला सामने आया है। दोनों युवतियां लिव इन में रहती थी। इनके पास गर्भपात की दवा कहां से आई, इसके बारे में पुलिस को पता नहीं चला है। एक मामले में तो युवती के प्रेमी के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है।

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