शिवपुरी जिले में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखरेख में बरती जा रही लापरवाही को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 106 मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई पिछोर और खनियाधाना विकासखंडों में हुई संयुक्त समीक्षा बैठक के बाद की गई है। कलेक्टर के निर्देशों के पालन में स्वास्थ्य विभाग ने कुल 106 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें 16 आशा सुपरवाइजर, 18 एएनएम, 7 सीएचओ सहित अन्य मैदानी कर्मचारी शामिल हैं। संयुक्त समीक्षा बैठक में सामने आई लापरवाहियां
कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में पिछोर एवं खनियाधाना विकासखंडों में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा पंचायत विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में शिशु मृत्यु दर, गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी अद्यतन, 70 वर्ष से अधिक आयु के हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड निर्माण में गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी अपडेट न करने पर शिशु मृत्यु वाले गांवों में लापरवाही
सर्वाधिक शिशु मृत्यु वाले गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पाए जाने पर आयुष्मान कार्ड निर्माण में उदासीनता
70 वर्ष से अधिक आयु के हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनाने पर संतोषजनक जवाब न होने पर होगी कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर ने स्पष्ट किया कि यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें आशा कार्यकर्ताओं और आशा सुपरवाइजर को निष्क्रिय घोषित करना, सीएचओ और एएनएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शामिल होगी। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


