सतना जिले के चित्रकूट में सड़क नहीं होने के कारण एक गर्भवती महिला को परिजनों ने डोली में बैठाकर दो किलोमीटर पैदल चलकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया। यह घटना शनिवार को गुप्त गोदावरी के पीछे स्थित थरपहाड़ गांव में हुई, जहां खराब रास्ते की वजह से एम्बुलेंस गांव के अंदर तक नहीं जा सकी। थरपहाड़ निवासी जानकी सिंह गोड़, पत्नी यज्ञ प्रसाद सिंह को प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार ने 108 एम्बुलेंस को बुलाया। एम्बुलेंस तो पहुंच गई, लेकिन पहाड़ी और पथरीले मार्ग के कारण गांव तक जाना संभव नहीं था। ऐसे में परिजनों ने महिला को डोली पर बैठाया और पैदल चलकर एम्बुलेंस तक ले गए। गर्भवती महिला को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। सड़क बनाने का काम 10 साल पहले शुरु हुआ था
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में सड़क बनाने का काम करीब 10 साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ। सड़क की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक ले जाना बहुत कठिन हो जाता है। यह इलाका कभी दस्यु प्रभावित रहा है और अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। यह क्षेत्र नगर परिषद चित्रकूट के वार्ड क्रमांक-15 में आता है। यहां मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। सिर्फ एक ऊबड़-खाबड़ और पथरीला रास्ता है, जिस पर चलना भी मुश्किल होता है, खासकर बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। वन विभाग की जमीन बीच में आने से नहीं बन पा रही सड़क
इस मामले में नायब तहसीलदार चित्रकूट कमलेश सिंह ने बताया कि थरपहाड़ की सड़क वन विभाग की जमीन से होकर गुजरती है, इसलिए पक्की सड़क नहीं बन पाई। फिलहाल नगर पंचायत कच्चे रास्ते को चलने योग्य बनाए रखती है। सड़क निर्माण के लिए वन विभाग के साथ जमीन बदलने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं सीएमओ चित्रकूट अनिकेत शांडिल्य (आईएएस) ने बताया कि मामला संज्ञान मेंलेकर थर पहाड़ की अधूरी बनी सड़क का डीपीआर बनाने के निर्देश दिए गए है, जल्द ही थरपहाड़ की सड़क का निर्माण कार्य शुरु होगा।


