गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ रांची के प्रमुख अस्पतालों में मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। रिम्स और सदर अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, मेडिसिन ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में 12-15% अधिक मरीज आ रहे हैं, जबकि पीडियाट्रिक विभाग में यह वृद्धि 20% तक पहुंच गई है। स्किन विभाग में भी 10% तक मरीजों की संख्या में इजाफा देखा गया है। रिम्स मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. बी कुमार के अनुसार, गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकावट, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, दस्त, स्किन एलर्जी और बुखार जैसी समस्याएं लेकर ज्यादातर मरीज अस्पताल आ रहे हैं। इन्हें चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ लक्षण के अनुसार जांच कराने की सलाह दी जा रही है। लेकिन जांच में भी खास किसी तरह की बीमारी की पुष्टि नही हो रही। उन्होंने कहा कि गर्मी में शरीर का पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन और लू जैसी स्थितियां पैदा होती हैं। लोगों को धूप में निकलने से बचना चाहिए, हल्का भोजन करना और ज्यादा से ज्यादा पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करना चाहिए। सिरदर्द, तेज बुखार या बेहोशी जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों की सलाह को गंभीरता से लें विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 11 से 3 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी। उन्होंने लोगों को शरीर को ढक कर रखने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी। लोगों को बाहर निकलते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करने को कहा। लोगों को ताजा व हल्का खाना खाने और फास्ट फूड से बचने की सलाह दी। बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। सबसे ज्यादा शिकायतें डिहाइड्रेशन की डिहाइड्रेशन : शरीर में अत्यधिक पसीना निकलने और पानी की कमी से शरीर में थकावट, चक्कर आना और कमजोरी महसूस हो रही है। हीट स्ट्रोक : तेज धूप में अधिक समय बिताने से शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ रहा है, जिससे बेहोशी या अन्य गंभीर समस्याएं हो रही है। अस्पताल आने के बाद भर्ती होने की नौबत आ रही है। फूड पॉइजनिंग : गर्मियों में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होते हैं, जिससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो रही है। पिछले 10 दिनों में रिम्स में फूड पॉइजनिंग के 20 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। स्किन समस्याएं : घमौरियां, फंगल इंफेक्शन, एक्ने और सनबर्न जैसी समस्याएं आम हैं। स्कीन ओपीडी में ऐसी शिकायत लेकर पिछले 10 दिनों से लगातार 60 से ज्यादा रोगी पहुंच रहे हैं, इनमें 70 प्रतिशत तक संख्या महिलाओं की है।


