गलत नीतियों का परिणाम ठेकेदार जिलेवार लामबंद

बलांगीर| ओडिशा सरकार के टेंडर प्रक्रिया के दौरान मनमर्जी नेगेटिव टेंडर डालने की छूट दिए जाने से नाराज होकर राज्य के सभी 30 जिलों के ठेकेदारों ने अपने-अपने जिलों में संघ का निर्माण किया है। उन्होंने निर्णय लिया है की कोई भी ठेकेदार खुद के जिले में ही टेंडर डाल सकेगा और वह भी 0% दर पर व बाहर के जिले के ठेकेदारों को स्वयं के जिले में टेंडर डालने से मनाही कर दी गई है। सभी जिलों में ठेकेदार संघ का गठन हो गया है और सभी संघो ने एक स्वर से अपने-अपने जिलों में ही सीमित रहने का ऐलान कर दिया है। जीरो प्रतिशत में ही टेंडर डालने का निर्णय लिया है, इसलिए इसे एक प्रकार से ठेकेदारों के लिए राहत और सरकारी नियमों के ऊपर एक तमाचा के रूप में समझा जा सकता है। इसके पहले सरकारी टेंडर में 14.99% क़ी पाबंदी थी। इससे कम दर पर कोई टेंडर डालने पर पाबंदी थी। अब सरकार ने इस पाबंदी को हटा दिया और मन माफिक लेस में टेंडर डालने की छूट दे दी। जबकि ठेकेदार संघ की मांग थी 14. 99% को कम कर 5% कर दिया जाए। पर सरकार उल्टे खुली छूट देकर और ज्यादा कम दर में टेंडर डालने की प्रक्रिया से जहां ठेकेदारों को काफी नुकसान होता वही काम की गुणवत्ता में भी काफी गिरावट आती। मजबूर होकर ठेकेदारों ने कार्य क़ी गुणवत्ता बनाए रखने और अपने परिवार के पालन पोषण के लायक उपार्जन के लिए 0% में ही काम करने का निर्णय लिया है।

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