गले में सांप को लेपटकर पहुंचे तालाब, विधि-विधान से की पूजा

भास्कर न्यूज| धालभूमगढ़ सार्वजनिक मां मन सा पूजा कमिटी महुलीशोल की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी रविवार को धूमधाम से आयोजित हुआ झापान तथा मनसा पूजा। झापान कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश आलोक कुमार, आईएफएस ममता प्रियदर्शी, अपर पुलिस अधीक्षक जमशेदपुर के सन्नि वद्धन शुक्ला ने सामूहिक रूप से किया। बाद में भाजपा नेता बाबूलाल सोरेन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी अतिथियों को कमेटी के द्वारा फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया। जानकारी हो की यहां मनसा पूजा तथा झापान 325 सालों से लगातार होते आ रहा है। कई दिन पहले से ही नाग सांप पकड़ कर घर में रखते हैं तथा मनसा पूजा के दिन झापान में गले पर नाग सांप लपेटकर झापान गांव के तालाव तक पहुंचाते हैं। सांप को नहलाकर झापान वापस मंडप पहुंचकर पूजा करते हैं। यह पूजा राजा के जमाने से होते आ रहा है। झापान मे राधावल्लभ उस्ताद तथा अजय पंडित ने अपने गले पर 3-3 कुल 4 नाग सांप लेकर झापान में चढ़े थे। सांपों ने डंसते रहे इधर मंत्र का वानी बरसते रहा तथा झापान चलते रहा। इस दौरान झापान के आमने-सामने कई लोगों द्वारा मंत्र की वाणी पढ़ते हुए चल रहे थे। झापान मनसा मंडप परिसर से निकलकर गांव के बाहर 1 किलोमीटर दूर बांध पोखर में जाकर रुका तथा झापान उतरकर नाग सांपो को नहलाया गया। झापान के साथ मौजूद सैकड़ों व्रत रखे लोगों ने भी तलाव में डुबकी लगाकर कलश स्थापना हेतु पानी लाकर कलश स्थापना की। वहीं सांपों को नहलाने के बाद दुबारा झापान पर चढ़ कर मनसा मंडप आकर झापान का समापन हुआ। रात को मनसा पूजा हुई। जानकारी हो की यह मनसा पूजा तथा झापान का शुभारंभ 1799 साल से लगातार हर वर्ष होते आ रहा है। यहां मनसा पूजा हर वर्ष काफी धूमधाम से आयोजित होता है। मनसा पूजा में हर घर में रिश्तेदार ( कुटुंब मेहमान )आते हैं। वहीं गांव के जो भी लोग बाहर नौकरी करते हैं या गांव से बाहर रहते हैं। मनसा पूजा उपलक्ष पर बांग्ला जात्रा, आर्केस्ट्रा और बुगी बुगी कार्यक्रम भी है। मौके पर महुलीशोल पंचायत के मुखिया विक्रम टुडु, पंचायत समिति सदस्य रीता ओझा, सुमित काफी संख्या में लोगों उपस्थित थे। झापान तथा मनसा पूजा को सफल बनाने में भूतेष पंडित, टुटुन पंडित, उमाकांत उस्ताद, अनुप दास, सौरभ पंडित, अभिरंजन उस्ताद, कुंदन दास, दीपक दास, अजीत दास, रिनटु उस्ताद, तुषार कांत पंडित, जयप्रकाश पंडित, अनूप दास, गणेश दास, सरस्वती दास, पीहू राणा, नीलू उस्ताद, सुभद्रा उस्ताद, आशीष चक्रवर्ती, रोहिन दास,अजय पंडित, खीरोध उस्ताद, प्रतिक दास, अभी उस्ताद, रोहिण उस्ताद, प्रवीण पंडित ,खोकन पंडित, अजित कुमार दास, अंबुज दास आदि ने विशेष रूप से सहयोग किया।

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