गवाही, साक्ष्य और उपस्थित नहीं होने से कार्रवाई में देरी

भास्कर न्यूज| महासमुंद विधि से संघर्षरत बालकों के प्रकरण में लंबन और सामाजिक अन्वेषण प्रतिवेदन के संबंध में बुधवार को कलेक्टर विनय लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समन्वय बैठक हुई। किशोर न्याय बोर्ड में जघन्य अपराध के 104 प्रकरण, गंभीर अपराध के 155 प्रकरण इस प्रकार कुल 259 प्रकरण लंबित है। कलेक्टर ने एक वर्ष से अधिक लंबित प्रकरणों को त्वरित संज्ञान लेते हुए निराकरण करने कहा। पुराने प्रकरण में गवाही, साक्ष्य और बालक उपस्थित नहीं होने के कारण अग्रिम कार्यवाही करने में विलंब हो रहा है, साथ ही नये प्रकरण में वारंट जारी नहीं हो रहा है, नोटिस जारी किया जा रहा है। उक्त प्रकरण में किशोर न्याय बोर्ड, पुलिस विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिया गया। साथ ही किशोर न्याय बोर्ड से जारी पत्र की तामिली को समय पर करने कहा है। इससे किशोर न्याय बोर्ड में बालक एवं गवाही की उपस्थिति नहीं हो पा रही है। किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत प्रकरण के प्रकृति के आधार पर लगभग 3-4 माह में निराकरण की कार्यवाही करने के संबंध में निर्देशित किया गया है। शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह में निवासरत बालकों का प्रत्येक सप्ताह काउंसलिंग की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। बैठक में न्याय बोर्ड से रिहाई पर चले गये बालकों का डेटा बेस तैयार कर नियमित रूप से फॉलोअप रिपोर्ट तैयार किया जाए। ऐसे बच्चों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने की कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। जघन्य अपराध प्रकरण में बालक को प्लेस ऑफ सेफ्टी स्थानांतरण की कार्रवाई करें: शासकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह में संस्थागत बालक एवं किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत जघन्य अपराध (16 से 18 वर्ष आयु) के प्रकरण में त्वरित संज्ञान लेते हुए बालक को प्लेस ऑफ सेफ्टी स्थानांतरण करने की कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में तान्या ब्रम्हे, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड महासमुंद, सारिका वैद्य, उपपुलिस अधीक्षक, समीर पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी व खेमराज चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई शामिल हुए। 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करें बालक के प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत बालक के प्रकरण पर निर्धारित प्रपत्र में सामाजिक जांच रिपोर्ट विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी के द्वारा निर्धारित समय-सीमा 15 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के लिए कहा। अधिकारी ने बताया कि माह अप्रैल 2025 की स्थिति में कोई भी सामाजिक जांच रिपोर्ट लंबित नहीं है। किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत बाल के प्रकरण में निर्धारित समय-सीमा में पुलिस डायरी बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए है। जिससे बाल के प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही प्रस्तुत की जा सकेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *