पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जयपुर के गलताजी तीर्थ विवाद और सिलेंडर सब्सिडी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने बीजेपी को चुनावी हिंदू पार्टी कहकर सियासी हमला बोला है। गहलोत ने एक्स पर लिखा- उत्तर भारत के प्रमुख वैष्णव तीर्थ गलताजी की जिम्मेदारी अभी राज्य सरकार संभाल रही है, लेकिन भाजपा सरकार के लापरवाह तरीकों से इस पवित्र तीर्थ की 521 साल पुरानी परंपराएं टूट गईं। 23 दिन से भगवान के लिए यह सरकार फूल मालाएं भी उपलब्ध नहीं करवा सकी है। गहलोत ने लिखा- यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जब भगवान के नाम पर वोट मांगने वाली पार्टी की सरकार भगवान के लिए मालाएं तक नहीं उपलब्ध करवा रही। भारतीय जनता पार्टी चुनावी हिन्दू पार्टी है। वोट लेने के लिए चुनाव में हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति करती है, जनता को भ्रमित करने के लिए प्रयागराज में कैबिनेट बैठक करती है पर प्रदेश की राजधानी में स्थित तीर्थ की सेवा भी भाजपा सरकार में नहीं हो रही है। गैस सिलेंडर सब्सिडी नहीं मिलने पर सरकार को घेरा, कहा- भाजपा के झांसे में आने के कारण महंगा सिलेंडर खरीदना पड़ रहा गहलोत ने लिखा- आज ही के दिन बजट भाषण में दो साल पहले मैंने उज्ज्वला और BPL परिवारों की महिलाओं को 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर देने की घोषणा की थी। इसकी क्रियान्विति में महिलाओं को समयबद्ध तरीके से सब्सिडी ट्रांसफर कर 500 रुपए में गैस सिलेंडर दिया गया। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया कि सरकार में आने पर 450 रुपए में गैस सिलेंडर दिया जाएगा। आज के अखबार की सुर्खियां बता रही हैं कि पिछले साल के अक्टूबर और नंवबर महीने में लिए गए गैस सिलेंडर की सब्सिडी नहीं मिली है। गहलोत ने लिखा- राजस्थान की गरीब जनता सोच रही है कि भाजपा के झांसे में आने के कारण महंगा सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री अपने भाषणों में इन सब जरूरी बातों का जिक्र करने की बजाय केवल हवा-हवाई जुमले सुनाने में व्यस्त हैं। ये भी पढ़ें… जोधपुर जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति सस्पेंड:गड़बड़ी के आरोप; जांच में दोषी पाए जाने के बाद राज्यपाल ने लिया एक्शन जोधपुर की जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर केएल श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने सोमवार को इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। कुलपति के खिलाफ जोधपुर संभागीय आयुक्त की ओर से जांच की गई थी। इस जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई थी। (पूरी खबर पढ़ें)


