गहलोत बोले- BLO पर कांग्रेस का वोट काटने का दबाव:अलवर में SIR पर अचानक हजारों आपत्तियां आईं, कांग्रेस नेता भड़के

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज करवाने के आखिरी दिन बीजेपी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा। गहलोत ने एक्स पर लिखा- आज का दिन राजस्थान में लोकतंत्र के लिए एक काले अध्याय जैसा है, जिसने भाजपा को बेनकाब कर दिया है। गहलोत ने लिखा- SIR प्रक्रिया के अंतिम दिन, एक सुनियोजित साजिश के तहत EROs के माध्यम से BLOs पर दबाव डाला गया कि वे कांग्रेस विचारधारा वाले मतदाताओं के नाम काटें। यहां तक कि फॉर्म-7 में पहले से डेटा भरकर BLOs को थमाया गया, जो सीधे तौर पर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर हमला है। वहीं, अलवर के मिनी सचिवालय में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बड़ा खुलासा हुआ है। यहां अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर (IAS) की टेबल पर वोटर लिस्ट से नाम हटवाने के करीब 20 से 25 हजार फॉर्म रखे मिले। सूचना मिलने पर गुरुवार सुबह खैरथल-तिजारा जिलाध्यक्ष सहित कांग्रेस के कई नेता मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही रिटर्निंग अधिकारी के चैंबर में काम करने वाले कर्मचारी गुपचुप निकल गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एक-एक व्यक्ति के नाम से 300 से 500 आपत्ति फॉर्म मिले हैं। यानी एक ही व्यक्ति ने 300 से 500 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आवेदन किया है। हैरानी की बात यह है कि इन फॉर्म में एक जैसी लिखावट है। आपत्ति दर्ज कराने वाले के मोबाइल नंबर तक नहीं हैं। फॉर्म आधे कम्प्यूटराइज्ड हैं और सीरियल नंबर दिए हुए हैं। एक ही स्याही का उपयोग दिखा है। अचानक फॉर्म कहां से आए, यह कोई नहीं बता पाया। कांग्रेस नेता करीब एक घंटे तक रिटर्निंग ऑफिसर के चैंबर के बाहर बैठे रहे, लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया। बाद में वे अलवर कलेक्टर अर्तिका शुक्ला से मिले। कलेक्टर ने कहा- जो भी आपत्ति के आवेदन आए हैं, उनकी जांच होगी। संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की जाएगी। इसमें करीब 7 दिन का समय लगेगा। गहलोत बोले- अफसर नहीं भूलें सरकारें आती-जाती रहेंगी
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज करवाने के आखिरी दिन बीजेपी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा। गहलोत ने भाजपा के इशारे पर वोटर लिस्ट में गलत तरीके से नाम काटने और जोड़ने का आरोप लगाते हुए अफसरों को चेतावनी दी है। गहलोत ने एक्स पर लिखा- आज का दिन राजस्थान में लोकतंत्र के लिए एक काले अध्याय जैसा है, जिसने भाजपा को बेनकाब कर दिया है। सत्ता के मद में चूर भाजपा सरकार ने प्रशासन का दुरुपयोग कर मतदाता सूचियों में हेराफेरी का जो षड्यंत्र रचा है, वह शर्मनाक है। गहलोत ने लिखा- SIR प्रक्रिया के अंतिम दिन, एक सुनियोजित साजिश के तहत EROs के माध्यम से BLOs पर दबाव डाला गया कि वे कांग्रेस विचारधारा वाले मतदाताओं के नाम काटें। यहां तक कि फॉर्म-7 में पहले से डेटा भरकर BLOs को थमाया गया, जो सीधे तौर पर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर हमला है। कई जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों और BLOs ने इस लोकतंत्र की हत्या में शामिल होने से इनकार किया तो उन्हें सत्ताधारी पार्टी के लोगों ने तबादलों की धमकी दी है।
अफसर मर्यादा का पालन करें अन्यथा कार्रवाई होगी
गहलोत ने लिखा- मैं उन अधिकारियों को भी स्पष्ट शब्दों में आगाह करना चाहता हूं, जो भाजपा के दबाव में संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, समय बदलते देर नहीं लगती। सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन अगर आपने नियम विरुद्ध कार्य किया, तो कानून के दायरे में आपकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी। संवैधानिक मर्यादा का पालन करें, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल पर मिले 25 हजार फॉर्म
अलवर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने बताया- उन्हें बुधवार रात को सूचना मिली थी कि अलवर ग्रामीण, रामगढ़, तिजारा, किशनगढ़बास और थानागाजी में सबसे ज्यादा आपत्तियों के फॉर्म एक साथ आए हैं। अकेले अलवर ग्रामीण में 20 से 25 हजार आवेदन रिटर्निंग ऑफिसर (RO) आईएएस माधव भारद्वाज की टेबल पर मिले, जो ज्यादातर वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के थे। तिजारा, रामगढ़ और किशनगढ़बास में भी हजारों फॉर्म पहुंचे हैं, लेकिन ये आवेदन कहां से आए हैं, ये किसी को नहीं पता है। एक-एक के नाम से 300 से 500 आवेदन
बलराम यादव ने कहा- रिटर्निंग अधिकारी की टेबल पर पड़े मिले आवेदनों में साहून और रमजान सहित अनेक लोगों के नाम से 300 से 500 आपत्ति के फॉर्म आए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह उनके वोटरों के नाम कटवाने की साजिश है। कलेक्टर बोलीं- फॉर्म कहां से आए, जांच होगी
कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला ने कहा- आपत्ति देने की अंतिम तारीख 15 जनवरी है और रात 12 बजे तक फॉर्म दिए जा सकते हैं। सभी फॉर्म ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे, जहां आपत्तिकर्ता का नाम और EPIC नंबर होगा। इसके बाद BLO को जांच के लिए 7 दिन का समय मिलेगा। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि फॉर्म कहां से आए, यह भी जांचा जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कितने भी आवेदन दे सकता है। बता दें ये वोटर लिस्ट के नामों पर आपत्तियां हैं। अगर किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर कोई आपत्ति है तो फॉर्म नंबर 7 जमा करा सकते हैं। जैसे कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति का नाम लिखकर दे दे कि इनका नाम गलत जुड़ा हुआ है। सीकर : कांग्रेस का आरोप- SIR में जिंदा को मृत बताया सीकर में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के ड्राफ्ट प्रकाशन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सीकर जिला कांग्रेस ने भाजपा और प्रशासन पर जिंदा लोगों को मृत बताने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के साथ कई लोगों ने आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर SIR में हुई गड़बड़ी की शिकायत की है। कांग्रेस नेताओं और पीड़ित लोगों का आरोप है कि SIR संबंधित सभी कागजात देने के बाद भी भाजपा के बूथ लेवल एजेंट के निर्देश पर समाज विशेष के व्यक्तियों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारी (BLO) भाजपा को फायदा पहुंचाने की मंशा से समाज विशेष को टारगेट कर नाम हटा रहे हैं। सीकर में रहने वाले लोगों को दूसरी जगह का निवासी बताकर नाम हटाया गया है। (पूरी खबर पढ़ें) कोटा: कांग्रेस का आरोप- दबाव बनाकर BLO से कटवा रहे नाम कोटा में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में BLO से सूचियों में से नाम कटवाए जा रहे हैं। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम समेत कांग्रेस नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर पीयूष समारिया को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि सूचियों में से कांग्रेस वोटर्स को छांटा जा रहा है। उनके नाम काटे जा रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें) चित्तौड़गढ़: कांग्रेस बोली- MLA आक्या के इशारे पर फर्जी आपत्तियां पेश की जा रही
चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस ने विधायक चंद्रभान सिंह आक्या पर आरोप लगाया। कहा कि BLO को घर बुलाकर नाम काटे जा रहे हैं। MLA आक्या के इशारे पर सही नामों को काटने की तैयारी को लेकर फर्जी आपत्तियां पेश की जा रही हैं। जिसकी तीन पीढ़ी वोट दे रही है, ऐसे परिवारों के नाम काटने के साजिश रची जा रही है। वहीं विधायक आक्या ने कहा कि सुरेंद्र सिंह जाड़ावत अपनी तीन हार से उबर नहीं पाए। उनकी उम्र हो गई है, इसलिए समझने की शक्ति कम हो गई है। मैं 4 दिन से चित्तौड़गढ़ में नहीं हूं। कांग्रेस पार्टी आपस में ही लड़ रही है। वर्चस्व की लड़ाई में मुझे घसीटा जा रहा है। वे पूर्व विधायक रह चुके हैं और इतनी उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि किसी के कहने पर भी अधिकारी न तो नाम जोड़ते हैं, न काट पाते हैं। निर्वाचन आयोग अपना काम कर रहा है। SDM बीनू देवल ने बताया कि 28 अक्टूबर से 14 जनवरी तक SIR के लिए चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र से 533, कपासन से 270, बेगूं से 364, निंबाहेड़ा से 285, बड़ी सादड़ी से 245 आपत्तियां ऑनलाइन आई है। — ये खबर भी पढ़ें एसआईआर अभियान, रामगढ़ में 1397 मतदाताओं पर आपत्तियों से विवाद:कांग्रेस नेता आर्यन जुबेर ने एसडीएम से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की राजस्थान में चल रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के अंतिम चरण में आपत्ति अभियान को लेकर रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। एक माह से चल रहे इस अभियान के अंतिम समय में 1397 मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज की गई है। (पूरी खबर पढ़ें) राजस्थान में SIR- 8.28 लाख लोग कागज नहीं दिखा पाए:अपनी और माता-पिता की मैपिंग नहीं करा सके, जयपुर के बगरू में संख्या सबसे ज्यादा राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट सूची जारी हो गई है। इसमें करीब 8.28 लाख से अधिक वोटर्स ऐसे हैं, जो साल 2002 की मतदाता सूची में अपना या अपने माता-पिता नाम की मैपिंग नहीं करवाए पाए हैं। ये संख्या प्रदेश की 200 विधानसभा क्षेत्र की है। बारां जिले की अंता सीट पर अभी भी पुनरीक्षण का काम जारी है। (पूरी खबर पढ़ें)

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